बड़वानी , जुलाई 30 -- मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में तेंदुए के हमले में घायल नौ वर्षीय बालक की 21 दिन बाद मृत्यु हो गई। प्रारंभिक स्तर पर रेबीज की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।

सेंधवा के अनुविभागीय वन अधिकारी (एसडीओ) ओमप्रकाश बिडारे ने बताया कि सात जुलाई को मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र सीमा से लगे बिजासन क्षेत्र के मोहरतमाल गांव के दो बच्चे, नौ वर्षीय कुणाल और 10 वर्षीय अरुण, बकरियां चराने जंगल गए थे। इसी दौरान वहां विश्राम कर रहे तेंदुए ने दोनों पर हमला कर दिया। हमले में कुणाल के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि अरुण के शरीर के अन्य हिस्सों पर काटने के निशान आए।

दोनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर के एमवाय अस्पताल भेजा गया था, जहां उपचार के बाद 22 जुलाई को उन्हें छुट्टी दे दी गई। घर लौटने के कुछ दिन बाद कुणाल की तबीयत बिगड़ गई और 28 जुलाई की शाम उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम के दौरान उसका विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया है। सेंधवा के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.एस. कनेल ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर रेबीज की आशंका है, लेकिन मृत्यु के कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

वन संरक्षक बसु कनोजिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में रेबीज की पुष्टि होती है तो निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत प्रभावित क्षेत्र का सैनिटाइजेशन कराया जाएगा तथा संबंधित तेंदुए को रेस्क्यू करने की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग के अनुसार दूसरे बालक अरुण की हालत सामान्य है और उसे निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। मृतक के परिजनों को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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