यमुनानगर , सितंबर 07 -- हरियाणा नगरपालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर नगरपालिका और फायर कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 33वें दिन भी जारी रही।
कर्मचारियों ने नगर निगम में एकत्र होकर हड़ताल शुरू की। अध्यक्षता पालिका शाखा प्रधान पपला और अग्निशमन जिला प्रधान विजेंदर ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव सुभाष और कोषाध्यक्ष ललित कुमार ने किया। बाद में कर्मचारियों ने नगर निगम से आईटीआई यमुनानगर तक प्रदर्शन किया और हैंडबिल बांटकर सरकार की कर्मचारी और जन विरोधी नीतियों की पोल खोलने का काम किया।
यमुनानगर विधायक का कहना है कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगें मान ली हैं और अब उन्हें हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौट आना चाहिए।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सतीश कुमार, नगरपालिका जिला प्रधान प्रवेश परोचा, अग्निशमन राज्य मुख्य संगठनकर्ता संतोष कुमार, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह, ब्लॉक सचिव जरनैल सिंह चनालिया और चंद्रपाल मालरा ने कहा कि सरकार हठधर्मिता छोड़कर बातचीत के जरिए सफाई, सीवर, पालिका और फायर कर्मचारियों की मांगों का समाधान करे। बिगड़ती सफाई व्यवस्था और हड़ताली महिला एवं पुरुष सफाई कर्मचारियों पर हो रहे पुलिस उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगायी जाये।
उन्होंने कहा कि सरकार समाधान निकालने की बजाय उत्पीड़न और बर्खास्तगी के पत्र जारी कर रही है, लेकिन कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को धरना स्थल पर जिला स्तरीय न्याय पंचायत की जाएगी, जिसमें सामाजिक, धार्मिक, छात्र, श्रमिक, किसान संगठनों, गुरुद्वारा कमेटी, वाल्मीकि दलित संगठन, व्यापारिक संस्थाओं, आरडब्ल्यूए, स्वयंसेवी और राजनीतिक संगठनों से समर्थन की अपील की जाएगी।
संघ ने कहा कि यदि नौ सितंबर तक मानी गयी मांगों के लिखित आदेश जारी नहीं हुए तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत हुई है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें मान ली गयी हैं। कच्चे से पक्का करने में कानूनी अड़चन है, जिसका समाधान निकाला जाएगा। निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मांगें मानने की घोषणा कर चुके हैं।
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