कोलकाता , मई 20 -- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार की सुरक्षा बढ़ाकर 'वाई-प्लस' कर दी है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पश्चिम बंगाल में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद अभिषेक बनर्जी सहित तृणमूल के कई बड़े नेताओं की सुरक्षा में कटौती की रिपोर्टें आ रही हैं। यही वजह है कि इस फैसले को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार सुबह से ही उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में सांसद के घर के बाहर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान तैनात दिखे। बाद में जब वे बारासात इलाके में पार्टी दफ्तर के दौरे पर गईं, तब भी सीआईएसएफ के जवान उनके साथ मौजूद थे। तृणमूल के कई दिग्गज नेताओं के सुरक्षा काफिले को छोटा किए जाने के बीच, अचानक काकोली घोष की सुरक्षा बढ़ाना काफी अहम माना जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम को सांसद के साथ हाल ही में हुए एक राजनीतिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, कुछ दिन पहले ही तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सुश्री घोष को लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के पद से हटा दिया था और उनकी जगह दोबारा कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंप दी थी। इस फैसले से नाराज सुश्री घोष ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास भी निकाली थी।

सुश्री घोष को पिछले साल अगस्त में कल्याण बनर्जी के इस्तीफे के बाद यह पद मिला था, लेकिन नौ महीने में ही उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा था, "1976 से जान-पहचान, 1984 से सफर। आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला है।" उनकी इस पोस्ट के बाद पार्टी के अंदर और बाहर काफी हंगामा हुआ था और माना गया कि वे इस फैसले से बेहद खफा हैं।

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