कोलकाता , जून 24 -- तृणमूल कांग्रेस में ऋतब्रत बंदोपाध्याय की अगुवाई वाला बागी गुट नयी दिल्ली में चुनाव आयोग से संपर्क करने की तैयारी में है।
बागी गुट का दावा है कि वही 'असली' तृणमूल कांग्रेस है। बागी खेमे ने चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा है और कहा है कि जैसे ही बैठक का समय तय होगा, उनके नेता राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो जायेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, अगले हफ्ते ऋतब्रत गुट का एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिल सकता है। यह प्रतिनिधिमंडल सोमवार को हुई बैठक में बनायी गयी पार्टी की नयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पूरी जानकारी आयोग को सौंपेगा। साथ ही यह तर्क देगा कि संगठन और चुने हुए जनप्रतिनिधियों का बहुमत उनके साथ है।
एक बागी विधायक ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग से औपचारिक रूप से समय मांगा है और अनुमति मिलते ही वे खुद जाकर अपनी बात रखेंगे। यह गुट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को यह समझाने की कोशिश करेगा कि उनके गुट को ही असली तृणमूल कांग्रेस के रूप में मान्यता दी जाये।
इससे पहले मंगलवार को बागी गुट के कई विधायकों ने कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के दफ्तर का दौरा किया था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने वहां नयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 30 सदस्यों और पदाधिकारियों के नामों के दस्तावेज और सोमवार को हुई बैठक की कार्यवाही का ब्योरा सौंपा था। मुलाकात के बाद श्री ऋतब्रत ने कहा कि उन्होंने कोई ज्ञापन नहीं सौंपा है, बल्कि कुछ ऐसे जरूरी दस्तावेज दिये हैं जिन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
यह पूरी हलचल पार्टी पर नियंत्रण को लेकर चल रही बड़ी जंग का हिस्सा है। दरअसल, सोमवार रात को ही सुश्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक अलग सूची भेजी थी, जिसमें उन्होंने खुद को तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष बताया है और श्री अभिषेक बनर्जी को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाए रखा है। सुश्री बनर्जी के इस कदम के बाद बागी खेमे ने भी अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं।
पार्टी के भीतर यह विवाद पांच जून को हुई बैठक के बाद शुरू हुआ था, जब राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुछ बदलाव किये गये थे। इसके बाद कई नेता नाराज होकर बागी गुट में शामिल हो गये। पिछले हफ्ते सुश्री बनर्जी ने समिति में फिर से बदलाव करते हुये श्री फिरहाद हकीम और श्री अरूप बिस्वास के नाम हटा दिये थे और राज्यसभा सांसद नदीमुल हक को शामिल करके नयी सूची आयोग को भेज दी थी।
इसके जवाब में बागी गुट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस का एक 'विशेष सत्र' बुलाया, जिसमें कई जिलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में सेंट्रल-हावड़ा के विधायक अरूप रॉय को संगठन का अध्यक्ष बनाया गया और 30 सदस्यों की एक नयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया।
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