कोलकाता , जून 12 -- तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अपनी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने दावा किया है कि तृणमूल के कुछ नेताओं और बंगलादेश के चरमपंथी तत्वों के बीच संबंध होने की ओर इशारा करने वाली रिपोर्टों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

बारासात की सांसद ने हाल ही में एक राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में सामने आये आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा है। इस मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि तृणमूल के एक पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार के बंगलादेश में सक्रिय कट्टरपंथी संगठनों के साथ संबंध थे।

सुश्री दस्तीदार के अनुसार, ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इनका राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ पड़ोसी देश के साथ भारत के संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने अपने पत्र में उन दावों का जिक्र किया, जिनमें कहा गया है कि एक दशक से भी पहले पश्चिम बंगाल को हिलाकर रख देने वाले शारदा चिटफंड घोटाले की धनराशि शायद सीमा पार भेजा गई हो सकती है।कथित तौर पर इस पैसे का इस्तेमाल बांग्लादेश की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से की जाने वाली गतिविधियों में किया गया था।

सांसद ने राज्य की पिछली तृणमूल सरकार के दौरान सीमा सुरक्षा से जुड़े आरोपों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पत्र में कहा, "इन आरोपों को अभी तक तथ्यों के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। हालांकि, ये इतने गंभीर जरूर हैं कि इनकी गहन और स्वतंत्र जांच की जाये, ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।" यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब हालिया चुनावी झटकों और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बाद तृणमूल कांग्रेस में राजनीतिक तनाव गहरा गया है। संगठन के भीतर एक प्रमुख बागी आवाज बनकर उभरीं सुश्री दस्तीदार ने हाल के महीनों में बार-बार पार्टी नेतृत्व की आलोचना की है।

तृणमूल कांग्रेस ने सुश्री दस्तीदार के इन ताजा आरोपों पर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मीडिया रिपोर्ट और सांसद के पत्र में किये गये दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गयी है।

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