सिलीगुड़ी , मार्च 26 -- तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जो पार्टी धर्म के नाम पर राजनीति करती है, वह 'नैतिक रूप से दिवालिया' है।
जलपाईगुड़ी जिले के धुपगुड़ी में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए श्री बनर्जी ने कहा कि राजनीति को धर्म के बजाय भोजन, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने मतदाताओं से 'भाजपा को निर्णायक रूप से हराने' का आह्वान करते हुए कहा, "धर्म व्यक्तिगत मामला है और इसे अपने घर के भीतर ही रहना चाहिए। एक बार जब धर्म राजनीति के साथ मिल जाता है, तो पार्टी दिवालिया हो जाती है।" उन्होंने यह भी आगाह किया कि भाजपा के चुनावी रास्ते पर चलने से विकास नहीं होगा।उन्होंने मतदाताओं को भाजपा का विकल्प चुनने के प्रति चेतावनी देते हुए कहा , "अगर आप कमल पर मुहर लगायेंगे तो आपके घर में जहरीला सांप घुस जायेगा।"श्री बनर्जी ने मूल्य वृद्धि और पश्चिम बंगाल के साथ कथित वित्तीय भेदभाव को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। केंद्र मोदी सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि 'अच्छे दिन' के नारे का क्या हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई गैस से लेकर पेट्रोल तक- आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जबकि केंद्र ने राज्य का जायज बकाया रोक रखा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्रीय सहायता की परवाह किये बिना कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखेंगी। विशेष रूप से, उन्होंने 'लक्ष्मी भंडार' योजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जब तक तृणमूल सरकार सत्ता में रहेगी, यह योजना चलती रहेगी।
उनके अनुसार, इस योजना के तहत एक सामान्य महिला को पांच वर्षों में लगभग 90,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की महिलाओं को एक लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होगी।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस कार्यक्रम में कोई वित्तीय योगदान नहीं दिया है। उन्होंने आगे कहा, "मैं यह बात श्री मोदी को एक चुनौती के रूप में कह रहा हूं। अगर झूठ है, तो वे मानहानि का मामला दर्ज कर सकते हैं।"श्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस योजना के संबंध में भाजपा नेताओं के विरोधाभासी बयान इस का संकेत हैं कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो इसे बंद कर दिया जायेगा।
मतदाताओं से तृणमूल कांग्रेस को फिर से चुनने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी 'न केवल अच्छे समय में, बल्कि मुसीबत में भी' लोगों के साथ खड़ी रहती है।
उन्होंने भाजपा पर मतदान के अधिकार सहित मौलिक अधिकारों में कटौती करने की कोशिश का आरोप लगाया, साथ ही यह दावा भी किया कि उनकी पार्टी ने लगातार उन अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी है।
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