कोलकाता , जून 18 -- तृणमूल कांग्रेस नेता अरूप विश्वास ने एक निजी बैंक को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व विवाद के सुलझने तक पार्टी के खाते से होने वाले सभी लेन-देन को रोक दिये जायें।

इस पत्र पर 12 जून की तारीख है और यह बैंक को 16 जून को प्राप्त हुआ था। यह पत्र सेंट्रल प्लाजा शाखा के प्रबंधक को भेजा गया था। इस शाखा में तृणमूल कांग्रेस का एक खाता है। चुनाव आयोग को सौंपी गयी पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार यहां पार्टी के लगभग 675 करोड़ रुपये जमा हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने हालांकि विधानसभा चुनाव में हार के बाद 5 जून को एक संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा की थी और श्री विश्वास की जगह पूर्व सांसद सुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बावजूद श्री विश्वास ने अपने पत्र में दावा किया है कि वह अभी भी पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं।

इस पत्र में श्री विश्वास ने पार्टी के भीतर गहराते संकट का हवाला देते हुए कहा कि 20 सांसद और 58 विधायक या तो तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके हैं या मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ खुलकर विद्रोह कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब पार्टी और उसके वित्त पर किसका नियंत्रण है, इसे लेकर गंभीर असहमति है। जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, उन्होंने बैंक से खाते में यथास्थिति बनाए रखने और "अनधिकृत व्यक्तियों" के किसी भी निकासी या लेनदेन को रोकने का आग्रह किया।

श्री विश्वास ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने पहले प्रशासनिक सुविधा के लिए अग्रिम रूप से कई कोरे चेकों पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जिन व्यक्तियों की साख विवाद के घेरे में है, वे धन निकालने के लिए उन चेकों का दुरुपयोग कर सकते हैं।

पत्र का खुलासा होने के बाद नवनियुक्त कोषाध्यक्ष सुभाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि वह इस मामले से अनभिज्ञ थे।

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