चित्रकूट , अगस्त 20 -- मध्यप्रदेश के चित्रकूट में तुलसी शोध संस्थान द्वारा 18 और 19 अगस्त को तुलसी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में संतवाणी, तुलसी भक्ति और भजन संध्या के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण की अनुभूति हुई।
कार्यक्रम के दूसरे दिन 19 अगस्त को उद्घाटन सत्र का शुभारंभ चित्रकूट कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत परमपूज्य मदन गोपाल दास महाराज, आचार्य मंदिर के पुजारी भोले जी महाराज, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय चित्रकूट की प्रभारी नंदिनी बहन तथा तुलसी शोध संस्थान की निदेशक डॉ. मंजूषा राजस जौहरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर महंत मदन गोपाल दास महाराज ने चित्रकूट और भगवान श्रीराम के संबंध पर सत्संग किया। उन्होंने चित्रकूट की आध्यात्मिक महत्ता, भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े प्रसंगों तथा गोस्वामी तुलसीदास की भक्ति भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चित्रकूट भारतीय आध्यात्मिक चेतना और श्रीराम भक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है।
इसके बाद इंदौर से आए भजन गायक डॉ. सुधीर व्यास ने भजन संध्या में अपनी प्रस्तुतियां दीं। उनके द्वारा प्रस्तुत ''ये चमक, ये दमक, सब कुछ सरकार तुम्हीं से है'' सहित अनेक भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन वक्ता अशोक कुमार दीक्षित ने किया। उन्होंने अपने वक्तव्य और मंच संचालन से कार्यक्रम को प्रभावी रूप प्रदान किया।
समापन अवसर पर तुलसी शोध संस्थान की निदेशक डॉ. मंजूषा राजस जौहरी ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले अतिथियों, कार्यकर्ताओं, आगंतुकों और चित्रकूट के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। दो दिवसीय समारोह साहित्य, संस्कृति और अध्यात्म का संगम रहा तथा संतवाणी, तुलसी भक्ति और भजन संगीत से चित्रकूट का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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