नयी दिल्ली , जून 14 -- दिल्ली पुलिस ने तुगलकाबाद एक्सटेंशन में आग की घटना के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी की जांच करने पर एक किशोरी इस घटना से कुछ समय पहले इमारत में जाती हुई दिखाई दे रही है।

पुलिस के अनुसार आगे की जांच में गोविंद पुरी के नवजीवन कैंप की रहने वाली एक 17 साल की लड़की की पहचान हुई और उसे पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि गोविंद पुरी के गिरीनगर की रहने वाली सरिता (27) ने उसे पेट्रोल और माचिस दी थी। उसने बताया कि सरिता ने उसे पैसे के विवाद को लेकर इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक के स्कूटर में आग लगाने के लिए उकसाया था। इसके बाद पुलिस ने सरिता को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार सरिता ने बताया कि इस योजना को गोविंद पुरी के नवजीवन कैंप के रहने वाले निरंजन (33) और उसके भाई राजकुमार (27) ने बनाया था, जो कथित तौर पर कोई निजी बदला लेना चाहते थे। दिल्ली पुलिस ने कहा कि आग जानबूझकर लगाई गई थी। इस मामले में नाबालिग किशोरी और तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। नयी जानकारियों के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की अतिरिक्त धाराएं भी लगाई हैं, जिनमें धारा 61 (आपराधिक साजिश), 105 (गैर-इरादतन हत्या), 110 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश), 326(जी) (आग से नुकसान पहुंचाना) और 331(4) (रात में छिपकर घर में घुसना) शामिल हैं। मामले की आगे जांच चल रही है।

गौरतलब है कि 12 जून को तड़के करीब 2:24 बजे तुगलकाबाद एक्सटेंशन की गली नंबर एक में स्थित इमारत संख्या आरजेड-171/1 में आग लगी थी। आग ने पूरी पांच मंजिली इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था। इस घटना में जख्मी हुए थे, जिन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। बाद में तीन पीड़ितों पंकज पांडे, सुशीला देवी और सोनिया कुमारी की मौत हो गई। पुलिस ने शुरू में इस घटना को लापरवाही का मामला मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 287 और 106(1) के तहत केस दर्ज किया था।

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