सुकमा , सितंबर 10 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल के तहत तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र में पैडल बोट और कैंपिंग टेंट के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले के प्रवास पर पहुंचे वन मंत्री एवं प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र में आत्मसमर्पण पुनर्वास महिला स्व-सहायता समूह को वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए पैडल बोट और आधुनिक टेंट की चाबी सौंपी। इनका संचालन समूह की पुनर्वासित महिलाएं करेंगी।
कश्यप ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटी महिलाओं को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका उपलब्ध श्री कराना है। उन्होंने कहा कि ईको-टूरिज्म के विकास से तुंगल को बस्तर संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में तुंगल डैम में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले कश्यप ने सुकमा सर्किट हाउस में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने तथा अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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