मोतिहारी , अक्टूबर 15 -- िहार के पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र से तीन माह पूर्व लापता 20 वर्षीय युवती को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पोंजीपोरा के रेड लाइट क्षेत्र से बरामद कर लिया है। युवती को बहलाकर पश्चिम बंगाल ले जाने और वहां बेच देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को मुख्य आरोपित रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। युवती की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर उसे वहां पहुंचाने में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे मानव तस्करी का कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।पुलिस के अनुसार, युवती करीब तीन माह से लापता थी। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन सामाजिक लोक-लाज के कारण वे तत्काल कानूनी कार्रवाई करने से हिचकते रहे। इसी बीच युवती ने एक दिन अपने परिजनों को फोन कर अपनी आपबीती सुनाई। उसने आरोप लगाया कि रोहित कुमार उसे बहलाकर पश्चिम बंगाल ले गया और वहां बेच दिया।

युवती की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने आठ अक्टूबर को केसरिया थाने में प्राथमिकी संख्या 366/2026 दर्ज कराई। पुलिस ने उसी दिन युवती के फोन कॉल के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। नौ अक्टूबर को केसरिया थाने की टीम ने पश्चिम बंगाल के पोंजीपोरा के रेड लाइट क्षेत्र से उसे बरामद कर लिया और पूर्वी चंपारण लौट आई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

मामले के मुख्य आरोपित रोहित कुमार की तलाश जारी रही। गुरुवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

केसरिया थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के साहेब पट्टी गांव का निवासी है।युवती की बरामदगी से परिवार को राहत मिली है, लेकिन मामले के कई अहम पहलुओं का खुलासा होना अभी बाकी है। पुलिस अब कथित मानव तस्करी की कड़ियों, अन्य संभावित संलिप्त लोगों और युवती को पश्चिम बंगाल तक ले जाने की परिस्थितियों की जांच कर रही है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

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