तरनतारन , सितंबर 26 -- उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री बलदेव सिंह औलख ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2022 में तीन महीने में राज्य को नशामुक्त करने का वादा किया गया था लेकिन साढ़े चार साल बाद भी राज्य नशामुक्त नहीं हो पाया है।

राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 'नशामुक्त पंजाब यात्रा' के नौवें दिन शनिवार को तरनतारन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए श्री औलख ने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाना अब हर पंजाबी की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि नशे के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस सक्षम है और उसे राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

श्री औलख ने उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में भी नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने पंजाबियों से नशामुक्ति अभियान से जुड़ने की अपील की।

भाजपा नेता सुरजीत कुमार जियाणी ने नशे को पंजाब की युवा पीढ़ी और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए आरोप लगाया कि सीमा पार से ड्रोन के जरिये नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था और लूटपाट की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रविकरण सिंह काहलों ने कहा कि नशामुक्त पंजाब पार्टी का संकल्प है और इसके लिए जनता को अभियान से जुड़ना चाहिए। तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हरजीत सिंह संधू ने कहा कि नशे की आपूर्ति रोकने के साथ प्रभावित युवाओं के उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

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