होशियारपुर , अगस्त 03 -- पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों की राज्यव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू होने के साथ ही होशियारपुर जिले में सरकारी बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गयी। अधिकांश सरकारी बसें सड़कों से गायब रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरकारी बसों के बंद रहने से निजी बस संचालकों की चांदी रही और बड़ी संख्या में यात्रियों ने निजी बसों का सहारा लिया। पंजाब सरकार की योजना के तहत सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा पाने वाली कई महिला यात्रियों ने बताया कि सरकारी बसें उपलब्ध न होने के कारण उन्हें मजबूरन निजी बसों में किराया देकर सफर करना पड़ा।
इस दौरान संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में होशियारपुर स्थित पंजाब रोडवेज वर्कशॉप के बाहर गेट रैली भी आयोजित की। कर्मचारियों ने सेवाओं के नियमितीकरण, ठेका प्रणाली समाप्त करने और अन्य लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
रैली को संबोधित करते हुए राज्य यूनियन नेता कुलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने यूनियन के साथ हुई पूर्व बैठकों में दिये गये आश्वासनों को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ हुई बैठकों में सरकार ने कई मांगों पर सिद्धांततः सहमति जतायी थी, लेकिन सोमवार को परिवहन विभाग के मुख्यालय में अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत मसौदा पत्र में उन सहमतियों का उल्लेख नहीं था।
कुलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने यूनियन की सहमति के बिना एकतरफा मसौदा तैयार कर जारी किया, जिसे यूनियन ने तत्काल खारिज कर दिया, क्योंकि उसमें परिवहन मंत्री के साथ हुई बातचीत के दौरान दिये गये आश्वासनों को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पूर्व सहमतियों के अनुरूप लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पंजाब भर से कर्मचारी मोहाली में एकत्र होकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आवास की ओर मार्च करेंगे।
यूनियन नेता ने कहा कि राज्य समिति के अगले निर्देश तक हड़ताल और अन्य विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे। उन्होंने मांग की कि अगली वार्ता सीधे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ करायी जायें, क्योंकि अधिकारियों पर सरकार और परिवहन मंत्री द्वारा दिये गये आश्वासनों को लागू न करने का आरोप है। गौरतलब है कि पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा घोषित यह तीन दिवसीय हड़ताल पांच अगस्त तक जारी रहेगी। यूनियन की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेका प्रणाली समाप्त करना और लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मुद्दों का समाधान शामिल है।
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