नैनीताल , मार्च 09 -- उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल एक बार फिर साहित्य, कला और विचारों के उत्सव की मेजबानी करने जा रही है। आगामी 13 से 15 मार्च तक आयोजित होने जा रहे तीन दिवसीय नैनीताल साहित्य उत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित लेखक, विचारक, कलाकार और साहित्य प्रेमी एक मंच पर जुटेंगे।

नैनीताल साहित्य उत्सव अपने दूसरे संस्करण के साथ लौट रहा है। पिछले वर्ष आयोजित पहले संस्करण की सफलता और उत्साहजनक परिणाम के बाद इस वर्ष यह आयोजन और भी व्यापक रूप में किया जा रहा है। लेखनी फाउंडेशन की ओर से आयोजित होने वाला यह उत्सव नैनीताल के चारखेत स्थित कांस्या रिसार्ट बाय माउंटेन मैजिक में आयोजित होगा।

फाउंडेशन के निदेशक अमिताभ सिंह बघेल ने पत्रकारों से सोमवार को बात करते हुए कहा कि लेखक और विचारक पुष्पेश पंत के मार्गदर्शन में किया जा रहा है और महोत्सव में दुनिया भर के नामी लेखक, विचारक, साहित्य, सिनेमा और इतिहास जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल शिरकत करेंगी।

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से जॉन जुवरिस्की, शाहिद सिद्धीकी, इम्तियाज अली, नागेश कुकुनूर और विभु पुरी, देवदन पटनायक, अल्का पांडे, गुरचरण दास, नैरी पिंटो, अमिताभ बागची और अशोक पात्रे जैसे प्रसिद्ध साहित्यकार अपने अपने क्षेत्रों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे।

इनके अलावा, सुहेल सेठ और सुभाषिनी अली जैसे वक्ता वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। ताइवान से आ रही लेखिका ऋचा एस मुखर्जी स्त्री विमर्श और व्यंग्यलेखन पर चर्चा करेंगी।

उन्होंने कहा कि इस साहित्यिक महोत्सव का उद्देश्य साहित्य, कला, संस्कृति और विचारों के माध्यम से संवाद को बढ़ावा देना है। आयोजन में पुस्तक चर्चाएं, संवाद सत्र, पैनल चर्चा, कविता पाठ, कला प्रदर्शनियां और विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। युवाओं और छात्रों को भी मंच प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने विचार और रचनात्मकता को साझा कर सकें।

साहित्य उत्सव में इतिहास, सिनेमा, साहित्य, पत्रकारिता और समकालीन सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चाएं होंगी। इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा इस आयोजन में फिल्म निर्माता, पत्रकार, कलाकार और लेखक भी भाग लेंगे, जो अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी मंच दिया जाएगा, जिससे कुमाऊं की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जा सके।

उत्सव के दौरान कई विशेष कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें किताबों का विमोचन, बच्चों के लिए कहानी सत्र, रचनात्मक लेखन कार्यशालाएं और कला प्रदर्शनियां शामिल हैं। आयोजन में भाग लेने के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग साहित्य और विचारों के इस उत्सव से जुड़ सकें।

उन्होंने कहा कि साहित्य उत्सव का उद्देश्य साहित्य और समाज के बीच संवाद को मजबूत करना और युवाओं में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव नैनीताल को साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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