चंडीगढ़ , जून 19 -- पंजाब सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च एंड इनोवेशन (सीएचआरआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं। यह समझौता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की उपस्थिति में किया गया।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली) और फतेहगढ़ साहिब जिलों में एआई आधारित स्वास्थ्य जांच उपकरण स्थापित किये जाएंगे।
ये उपकरण हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों की शुरुआती पहचान करने में मदद करेंगे, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सनफॉक्स स्पैंडन ईसीजी उपकरण और एआई आधारित डिजिटल स्टेथोस्कोप लगाये जाएंगे। स्पैंडन ईसीजी उपकरण तेजी से हृदय की जांच कर गंभीर रोगियों की पहचान करेगा, जबकि एआई स्टेथोस्कोप बच्चों में हृदय संबंधी समस्याओं की स्क्रीनिंग में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों के प्रभावी उपयोग के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि नयी तकनीक को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं में सुचारू रूप से शामिल किया जा सके। यह पहल भविष्य में पूरे पंजाब में एआई आधारित स्वास्थ्य तकनीकों के विस्तार का आधार भी बनेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से लोगों को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी स्वास्थ्य जांच सुविधा मिलेगी। इससे गंभीर हृदय रोगों का शुरुआती चरण में पता लगाकर समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ रेफरल प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों के लिए प्रमाण आधारित आंकड़े उपलब्ध कराने में भी मददगार साबित होगी।
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