तिरुवनंतपुरम , अगस्त 21 -- गुजरात के वनतारा से ढाई दिन की सड़क यात्रा पूरी कर तीन जेब्रा तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही चिड़ियाघर में जेब्रा को वापस देखने का नौ साल का लंबा इंतजार समाप्त हो गया है।

चिड़िया घर पहुंचे तीन जेब्रा में दो तीन-वर्षीय मादा और एक पांच-वर्षीय नर जेब्रा शामिल है। आगामी ओणम उत्सव के दौरान ये पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगे। यह दल शुक्रवार सुबह एक विशेष एनिमल एम्बुलेंस से तिरुवनंतपुरम पहुंचा। यात्रा के दौरान वनतारा के पशु चिकित्सा सर्जन के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम साथ थी। केरल सीमा से चिड़ियाघर तक यातायात बाधाओं से बचाने के लिए पुलिस पायलट वाहन ने एम्बुलेंस को एस्कॉर्ट किया।

वर्ष 2002 में चेन्नई के वंडालूर चिड़ियाघर से लाई गई 'सीता' नामक जेब्रा की 2017 में वृद्धावस्था के कारण मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से चिड़ियाघर में कोई जेब्रा नहीं था।

चिड़ियाघर के पशु चिकित्सा सर्जन डॉ. निकेश किरण ने बताया कि तीनों जेब्रा स्वस्थ हैं। उन्हें 21 दिनों के ओपन क्वारंटाइन में रखा जाएगा, जहां दर्शक उन्हें बिना किसी बाधा के देख सकेंगे।

शुरुआती दो हफ्तों के लिए वनतारा से 'तिमोथी घास' लाई गई है। धीरे-धीरे इसे स्थानीय घास के साथ मिलाकर दिया जाएगा ताकि वे नए वातावरण में ढल सकें।

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