अमरोहा , जलाई 05 -- उत्तर प्रदेश में अमरोहा जिले के मंडी धनौरा स्थित ऐतिहासिक सघन क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रचयिता और महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया की पुण्यतिथि पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. बी.एस. जिंदल ने कहा कि पिंगली वेंकैया ने देश के सामने राष्ट्रसेवा और समर्पण के ऐसे आदर्श प्रतिमान स्थापित किए हैं जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अनेक वर्षों के अथक शोध और कठोर परिश्रम के बाद उनके द्वारा डिज़ाइन किया गया तिरंगा केवल एक ध्वज मात्र नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण भारत की एकता, अखंडता और वैश्विक स्वाभिमान का सबसे बड़ा जीवंत प्रतीक है।

सघन क्षेत्र के मंत्री रहे नरेंद्र कटारिया ने कहा कि पिंगली वेंकैया का नाम भारतीय इतिहास के पन्नों में सदा सुवर्णाक्षरों में अंकित रहेगा और उनका यह अद्वितीय योगदान तब तक अमर रहेगा जब तक यह तिरंगा नीले आकाश में शान से लहराता रहेगा। इसी कड़ी में शिक्षाविद एवं इंटर कॉलेज के निवर्तमान प्रधानाचार्य डॉ. जयपाल सिंह ने कहा कि प्रत्येक नागरिक के हृदय में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत करने वाले राष्ट्रध्वज के इस महान शिल्पकार के दिखाए मार्ग पर चलना और देश की संप्रभुता का सम्मान करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस स्मृति सभा के समापन पर उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों ने देश की आन, बान और शान के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज के गौरव को सदैव अक्षुण्ण रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

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