अलवर , सितम्बर 21 -- राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के तिजारा नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों को हरियाणा में रोके जाने और कथित हिरासत के घटनाक्रम के बाद तिजारा के पूर्व विधायक संदीप यादव ने देर रात सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज लोकतंत्र जीता है और तानाशाही हारी है।
समर्थकों और पत्रकारों से बातचीत में श्री यादव ने पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए गंभीर बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले में उच्च न्यायालय, पुलिस-प्रशासन और मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि निर्वाचित पार्षदों, महिलाओं और बच्चों के साथ हरियाणा में कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के पीछे तीन-तीन सुरक्षाकर्मी एके-47 लेकर तैनात थे और बच्चों को पानी तक के लिए परेशान होना पड़ा। उन्होंने कहा कि तिजारा की जनता इस कथित अपमान को भूलने वाली नहीं है। इस पूरे मामले में शामिल लोगों, हरियाणा सरकार और पुलिस के खिलाफ उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जायेगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जायेगी।
श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों के लिए तिजारा में बड़ा आंदोलन भी खड़ा किया जायेगा।
तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश से लौट रहे कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला के पास रोके जाने का मामला सामने आया था। आरोप लगाया गया कि पार्षदों को पुलिस ने रोककर हिरासत में रखा। घटनाक्रम के बाद तिजारा में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी और स्थानीय नेताओं एवं समर्थकों ने इसका विरोध किया। बाद में न्यायालय और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद पार्षदों को राहत मिलने की बात सामने आयी।
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