बैतूल , जुलाई 15 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड में ताप्ती नदी पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्राम पंचायत धामन्या सहित आसपास के 40 से 50 गांवों के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि यदि पुल निर्माण को स्वीकृति नहीं मिली तो वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और आगामी विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में NOTA का उपयोग करेंगे।
बड़ी संख्या में ग्रामीण बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने बताया कि धामन्या और चुनालोहमा मुख्य मार्ग के बीच ताप्ती नदी पर पुल नहीं होने से हर वर्ष बारिश के मौसम में लगभग छह माह तक आवागमन बाधित रहता है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों का जिला मुख्यालय, अस्पताल, कृषि मंडी, महाविद्यालय तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से संपर्क प्रभावित होता है।
ग्रामीणों ने कहा कि पुल के अभाव का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों पर पड़ता है। वर्षा ऋतु में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है, किसानों को कृषि उपज मंडी तक फसल पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जबकि गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने से उनकी जान तक जोखिम में पड़ जाती है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र की एकमात्र बैंक शाखा चुनालोहमा में स्थित है, जो ताप्ती नदी के दूसरी ओर है। पुल नहीं होने के कारण लोगों को बैंक संबंधी कार्यों के लिए उफनती नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों का दावा है कि इस दौरान कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि अब पुल निर्माण की स्वीकृति और कार्य शुरू होने की ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे और चुनाव में NOTA का उपयोग कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्या सुनते हुए पुल निर्माण संबंधी प्रस्ताव आवश्यक कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को भेजने के निर्देश दिए और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
ग्राम पंचायत धामन्या के सरपंच और ग्रामीणों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि विकास की मुख्यधारा से कटे इस क्षेत्र के लोग अब और इंतजार नहीं करना चाहते। ज्ञापन सौंपने वालों में सतीश, सूरज, संतोष, जगन, सुकाली, मनिया, शिवकिशोर, कैलाश, मदनलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
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