गांधीनगर , जून 17 -- गुजरात पुलिस ने नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के खिलाफ लड़ाई को और अधिक आक्रामक बनाने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत कार्यवाही को और सशक्त बनाने तथा राज्यभर में ड्रग्स विरोधी तंत्र का विस्तार करने का निर्णय लिया है।एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य पुलिस प्रमुख जी.एस. मलिक ने सभी पुलिस इकाइयों को ड्रग्स संबंधी अपराधों के खिलाफ अधिक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने तथा सरकार की नीति के अनुसार कम मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने वाले मामलों में भी सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य पुलिस प्रमुख ने कहा कि ड्रग्स तस्करों और पेडलरों पर लगातार नजर रखी जाये तथा खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त किया जाये और नशीले पदार्थों के प्रसार को रोका जाये। एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय के तहत अब अपराधों की खोज और पंजीकरण की जिम्मेदारी केवल क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य के सभी स्थानीय पुलिस थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में ड्रग्स संबंधी अपराधों का पता लगाने, आरोपियों को पकड़ने और मामले दर्ज करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया है।इसके साथ ही ड्रग्स विरोधी अभियान को स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग की मुख्य जिम्मेदारी का हिस्सा बनाया गया है।
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में गुजरात ने ड्रग्स संबंधी अपराधों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति अपनायी है और नशीले पदार्थों के व्यापार तथा दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उच्च स्तरीय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी बाहरी एजेंसी द्वारा किसी पुलिस थाने की सीमा में एनडीपीएस का मामला दर्ज किया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। कार्यवाही के दौरान पकड़े गये ड्रग्स के आदी व्यक्तियों से भी विस्तृत पूछताछ करने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि सप्लाई चेन तक पहुंच बनाई जा सके, सप्लायरों की पहचान हो सके और बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
नशीले पदार्थों की बिक्री, वितरण और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। गुजरात पुलिस काउंसलिंग और पुनर्वास में भी करेगी सहयोग कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ गुजरात पुलिस नशे की लत से प्रभावित लोगों के लिए काउंसलिंग और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेगी, ताकि ड्रग्स विरोधी अभियान में कानून प्रवर्तन और पुनर्वास दोनों पहलुओं को समान महत्व दिया जा सके। सक्रिय और प्रभावी कार्यवाही को प्रोत्साहित करने के लिए एनडीपीएस मामलों की सफल खोज और जांच करने वाले पुलिसकर्मियों को उचित पुरस्कार और सम्मान भी प्रदान किये जाएंगे।
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