मुरैना , मई 28 -- मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की मृत्यु की खबरों के बाद मुरैना जिले में भी लोगों ने तरबूज खाने से परहेज करना शुरू कर दिया है, जिससे इसकी बिक्री पर व्यापक असर पड़ा है।

जानकारी के अनुसार गर्मी के मौसम में लोग शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने और गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में तरबूज का सेवन करते थे, लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बाद लोगों में आशंका का माहौल बन गया है।

बताया गया है कि मुंबई के पायधुनी क्षेत्र में अप्रैल माह में एक परिवार के चार लोगों की मृत्यु के मामले में जांच के दौरान तरबूज में जिंक फास्फाइड जैसे खतरनाक रसायन की मौजूदगी की बात सामने आई थी। इसके बाद श्योपुर जिले में 15 मई को कथित रूप से तरबूज खाने के बाद ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद परिहार की तबीयत बिगड़ गई थी। उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी।

इन घटनाओं के बाद मुरैना जिले में तरबूज की मांग में भारी गिरावट देखी जा रही है। सब्जी मंडियों और ठेलों पर तरबूज खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। इसके चलते तरबूज के दामों में भी गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में रात के समय बर्फ पर सजाकर बेचे जाने वाले तरबूजों की रौनक इस बार कम दिखाई दे रही है और बिक्री प्रभावित होने से विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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