चेन्नई , अक्टूबर 22 -- प्रसिद्व तमिल पार्श्वगायक आर. कृष्णराज का गुरुवार को निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे।
वह दिवंगत संगीतकार देवा के शिष्य थे जिन्होंने 1990 के दशक में कईं यादगार गाने गाए थे। देवा का निधन गत 17 अक्टूबर हो हुआ थाकृष्णराज फ़िल्म कधल कोट्टई (1996) के तेज़ बीट वाले गाने "वेल्लारिक्का पिंजू वेल्लारिक्का" से मशहूर हुए थे। उनके दूसरे मशहूर गानों में पोर्ककालम (1997) का "थंजावूरू मन्नू एडुथु" शामिल है, जिसके लिए उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का तमिलनाडु राज्य फ़िल्म अवॉर्ड मिला, पेरिया गौंडर पोन्नू का "नालू वार्था", और कई ऐसे गाने हैं जिनमें उनकी बहुमुखी प्रतिभा दिखती है।
देवा के साथ उनके जुड़ाव ने ऐसे गाने बनाए जो तमिल फ़िल्म संगीत पसंद करने वालों के लिए जाने-पहचाने हैं। खास तौर पर, तंजावूरू मन्नू एडुथु की उनके करियर में एक खास भूमिका है। यह गाना पिछले हफ़्ते देवा के अंतिम संस्कार में बजाया गया था, जिससे संगीतकार और गायक के बीच संगीतमय जुड़ाव को एक भावनात्मक जुड़ाव मिला।
कृष्णराज को फ़िल्म संगीत में उनके योगदान के लिए पहचाना जाता था और वे भक्ति गीत गाने के लिए भी जाने जाते थे। फ़िल्म संगीतकार संघ ने उनके परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के प्रति अपनी संवेदना जताई। उनका निधन तमिल सिनेमा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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