चेन्नई , जुलाई 13 -- तमिल दलित साहित्य के अगुआ और दक्षिणी तमिलनाडु के सूखे इलाके 'करिसल भूमि' (काली कपास मिट्टी वाला क्षेत्र) के मशहूर लेखक, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता माणिकवासगम (पूमानी) का रविवार देर रात चेन्नई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

वह 79 वर्ष के थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके अंतिम संस्कार के लिए राजकीय सम्मान की घोषणा की।

आधुनिक तमिल रचनात्मक लेखन में एक अलग पहचान बनाने वाले माणिकवासगम का जन्म आज के थूथुकुडी जिले में कोविलपट्टी के पास एंडिपट्टी में हुआ था। उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन की शुरुआत में ही 'पूमानी' उपनाम अपनाया था।उन्होंने भाकपा की पत्रिका 'तामराई' में अपनी शुरुआती रचनाओं से ही 'करिसल' इलाके (विरुधुनगर से थूथुकुडी जिले के कुछ हिस्सों तक फैला विशाल क्षेत्र) के लोगों के संघर्षों और आकांक्षाओं के प्रति अद्भुत यथार्थवाद दिखाया। उनकी रचनाओं में 'वेक्कई' शामिल है, जिस पर वेट्रिमरन-धनुष की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'असुरन' बनी थी। इस फिल्म ने राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता।

अपनी बेहतरीन रचना 'अंगनाडी' के लिए 2014 में अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पूमानी, दलित लेखक के तौर पर पहचाने जाने को पसंद नहीं करते थे, हालांकि उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से दलित लेखन को एक अलग शैली के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाई थी। 1000 से अधिक पन्नों का यह उपन्यास औपनिवेशिक युग के काझगुमलाई (1895) और शिवकाशी (1899) के दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिनमें व्यापारी नादर समुदाय और मारवर (ओबीसी थेवर का एक उप-वर्ग) शामिल थे। जहां काझगुमलाई का विवाद रोमन कैथोलिक धर्म अपनाने वाले नादरों द्वारा मुख्य सड़कों से जुलूस निकालने को लेकर था, वहीं शिवकाशी का विवाद नादरों के मंदिर में प्रवेश को लेकर था।

लेखन के अलावा, उन्होंने फ़िल्म निर्माण में भी हाथ आज़माया है। उन्होंने राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम के लिए 'करुवेलम पूकल' फ़िल्म का निर्देशन किया, जो शिवकाशी और कोविलपट्टी इलाक़े की माचिस फ़ैक्टरियों में काम करने वाले बच्चों पर आधारित थी। उनका टीवी सीरियल 'पेनाक्कल' (पेन) पेन की निब बनाने वाली इंडस्ट्री के मज़दूरों पर केंद्रित था। कहानी में कई तरह के नज़रिए को शामिल करना और पाठकों को उस समुदाय के जीवन के अनुभवों से रूबरू कराना उनकी एक ख़ास खूबी है।

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