जयपुर , मई 07 -- देश के आखिरी छोर कन्याकुमारी में तमिलनाडू वेनिगर सनगनकालीन पेरावई एसोसिएशन की 43वें अधिवेशन का आयोजन किया गया।
भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल (बीयूवीएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता अधिवेशन में मुख्य अतिथि थे जबकि कन्याकुमारी के सांसद विजय वसंत विशिष्ठ अतिथि रहे। बैठक की अध्यक्षता संस्था के प्रान्तीय अध्यक्ष सौंदर्यराजन ने की।
श्री गुप्ता ने बताया कि तमिलनाडू वेनिगर सनगनकालीन पेरावई एसोसिएशन की सभा में राज्य के 38 जिलों से करीब आठ हजार प्रतिनिधयों ने विवेकानन्द कॉलेज कन्याकुमारी के प्रांगण में शिरकत की। सभा में मुख्य रूप से 'देशी उत्पाद, देशी व्यापार और देशी पर्यटन' और ऑनलाईन व्यापार के नियंत्रण के लिये कानून बनें। आवश्यक वस्तुएं यथा-तेल, मसाले, बिजली के बल्ब, खेती के काम आने वाले उपकरण, आम आदमी की जीवनरक्षक दवाओं को जीएसटी से मुक्त रखा जायें। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत हर छह महीने में प्रत्येक उत्पाद की सैम्पलिंग की अनिवार्यता को प्रतिवर्ष किया जायें।
राशन में बिकने वाले चावल के बजाय उपभोक्ता के खाते में रुपये उपलबध कराये जायें। वन भूमि पर हो रहे कब्जों से मुक्ति मिलें। प्रदूषण को रोकने के लिये कारगर कानून बनाये जायें। पूरे देश में मण्डी शुल्क 0.50 प्रतिशत एक बार लगे, की अनुशंषा की गयी।
एमएसएमई को देश की लाईफलाईन बताते हुए सदस्यों ने विचार व्यक्त किया कि इन्हें सुदृढ़ करने के लिये कानून बनाये जाने चाहिये। व्यापारी को देवी आपदा का सामना करने के लिये किसान फसल बीमा योजना की तरह कल्याण कोष की स्थापना की जायें। देवी आपदा के समय सभी जीएसटी माफ किये जायें। बीमा करने से पहले आवश्यक सभी कागजात पूरे किये जाने चाहिये। आग लगने के बाद बीमा के क्लेम कैंसिल नहीं किये जाने चाहिये आदि विषयों पर गहन मंथन हुआ।
श्री गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि तमिलनाडू के हर जिले में स्वदेशी अभियान त्वरित गति से आगे बढ रहा है। गांवों को मजबूत करने की बात और गांवों में ही उपलब्ध रोजगार को गांव के लोगों को उपलब्ध कराने के लिये सरकारी योजनायें बनायी जानी चाहिये। समय आ गया है कि गांव का उत्पाद विदेशों तक अपनी उपस्थिति दर्ज करें। सरकार ऑनलाईन व्यापार को बढ़ावा दे रही है परन्तु बाजारों में बैठे व्यापारी की सुरक्षा के लिये अभी कानून नहीं बने हैं जिससे वे बेराजगार हो रहे है। सरकारें व्यापारी को सोशल सिक्योरिटी उपलब्ध करवायें। देवी आपदा पर बीमा की पूरी रकम व्यापारी को उपलब्ध हो।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित