चेन्नई , अगस्त 11 -- तमिलनाडु विधानसभा ने नीट परीक्षा में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों, पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने और मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्रों की आत्महत्याओं के परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें केंद्र से नीट परीक्षा खत्म करने और राज्य को यूजी एमबीबीएस कोर्स में छात्रों को प्लस-2 बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर दाखिला देने की अनुमति देने का आग्रह किया गया है।

इस दौरान विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एकमात्र सदस्य भोजराजन ने सदन से बहिर्गमन किया।

प्रस्ताव में केंद्र से नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 और अन्य संबंधित केंद्रीय कानूनों में जरूरी संशोधन करने का भी आग्रह किया गया, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर नीट को खत्म किया जा सके। एक घंटे से ज़्यादा चली बहस के बाद स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. के.जी. अरुणराज ने प्रस्ताव पेश किया जिसे ध्वनिमत से सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने घोषणा की कि सभी पार्टियों के समर्थन से प्रस्ताव को ध्वनि मत से सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।

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