चेन्नई , फरवरी 23 -- तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) में सीट-बंटवारे की बातचीत तेज हो गयी है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में द्रमुक ने अपने सहयोगियों के साथ औपचारिक बातचीत का दूसरा दिन पूरा किया। पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में टीआर बालू की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समिति ने इस दौरान गठबंधन के सहयोगियों एमडीएमके (वाइको), एमएमके (एम एच जवाहिरुल्लाह), आईयूएमएल आदि दलों से बात की।

मिली जानकारी के मुताबिक, एमडीएमके (वाइको) पार्टी ने छह विधानसभा सीटों के साथ-साथ एक राज्यसभा सीट की मांग रखी है। 2021 में इन्होंने छह सीटों पर द्रमुक के 'उगते सूरज' चिह्न पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार ये अपने स्वयं के चुनाव चिह्न पर उतरने की तैयारी में हैं। एमएमके (एम एच जवाहिरुल्लाह) पार्टी ने की मांग पांच सीटों की है। 2021 में इन्होंने दो सीटें जीती थीं। जवाहिरुल्लाह ने स्पष्ट किया कि वे इस बार भी 'उगते सूरज' के निशान पर ही चुनाव लड़ेंगे। गठबंधन के पुराने साथी आईयूएमएल ने पांच सीटें मांगी हैं। हालांकि द्रमुक ने उन्हें केवल 2 सीटें देने का प्रस्ताव दिया है। बता दें कि आईयूएमएल 2021 में तीन सीटों पर लड़ी थी।

इस बीच कांग्रेस और द्रमुक के बीच बातचीत काफी अहम मोड़ पर है। कांग्रेस ने द्रमुक से 40 से अधिक सीट और राज्यसभा के लिए एक सीट की मांग की है, जबकि गठबंधन में उसे 2021 में 25 सीटें मिली थीं।

एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस 'सत्ता में हिस्सेदारी' की मांग नहीं कर रही है। उन्होंने उन नेताओं को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी जो सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे थे। इससे पहले कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने सत्ता में भागीदारी की मांग की थी। श्री स्टालिन ने हालांकि पहले ही यह कहते हुए इस मांग को खारिज कर दिया था कि यह तमिलनाडु के लिए सही नहीं है।

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