पुडुचेरी , अप्रैल 02 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पोलित ब्यूरो सदस्य और तमिलनाडु के पूर्व राज्य सचिव के बालकृष्णन ने गुरुवार को कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक और अभिनेता से नेता बने विजय की नयी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कज़गम' (टीवीके) को हार का सामना करना पड़ेगा।
माकपा द्रमुक के नेतृत्व वाले बहुदलीय धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) का हिस्सा है।
माकपा नेता ने कहा कि अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कभी एक-दूसरे पर आरोप लगाया था और अब वे राजग में साथ हैं। बता दें कि श्री पलानीस्वामी की पार्टी भाजपा, पीएमके, एएमएमके, टीएमसी और अन्य छोटे दलों वाले राजग का नेतृत्व कर रही है और गठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा वही हैं।
श्री पलानीस्वामी और उनके सहयोगी दल एएमएमके के संस्थापक टीटीवी दिनाकरण ने दोनों को 'गद्दार' बताते हुए श्री बालकृष्णन ने एक अन्य सहयोगी दल पीएमके को भी नहीं बख्शा।
पीएमके के प्रथम परिवार में पिता-पुत्र के नेतृत्व विवाद का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आज तक नहीं सुलझ सका है। उन्होंने सवाल किया, "क्या इसका मतलब यह है कि अगर श्री अंबुमणि को राजग में शामिल कर लिया गया है तो गठबंधन मजबूत हो गया है?"उन्होंने जोड़ा कहा कि अन्नाद्रमुक गठबंधन पूरी तरह से बिखर चुका है। श्री पलानीस्वामी ने सभी वरिष्ठ नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस कारण अन्नाद्रमुक अब केवल 'एडप्पादी की अन्नाद्रमुक' बनकर रह गयी है।
पुडुचेरी चुनावों पर बात करते हुए श्री बालकृष्णन ने कहा कि उन्हें पक्का विश्वास है कि विधानसभा चुनाव के बाद केंद्र शासित प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व वाली धर्मनिरपेक्ष सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से सत्ता में रही राजग सरकार ने पुडुचेरी को बर्बाद कर दिया है। वहां कोई औद्योगिक विकास नहीं हुआ। कोई नये उद्योग स्थापित नहीं किये गये। बंद पड़ी कपड़ा मिलें नहीं खोली गयी। दूसरी तरफ यहां बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने आगे कहा कि एनआर कांग्रेस-भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है।
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