चेन्नई , मई 25 -- तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने सोमवार को अन्नाद्रमुक के तीन बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिये। ।
ये तीनों विधायक मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय द्वारा लाये गये विश्वास मत का समर्थन करने वाले अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों में शामिल थे।
इस्तीफे देने वाले विधायकों में सुश्री मरगदम कुमारवेल (मदुरंतकम), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई) और सुश्री सत्यभामा (धारापुरम) शामिल हैं। इन पर विश्वास मत के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करके विजय सरकार का समर्थन करने के कारण अयोग्य हो जाने का खतरा मंडरा रहा था।
विधानसभा अध्यक्ष ने यहां राज्य सचिवालय स्थित अपने कक्ष में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके इस्तीफे विधानसभा नियमों के अनुसार सही प्रारूप में पाये गये, और इसलिए उन्हें स्वीकार कर लिया गया।
उन्होंने मीडिया के सामने संबंधित नियम पढ़ते हुए कहा कि इस्तीफा पत्र उन्होंने अपने हाथों से लिखा था और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इसे मुझे सौंपा। उन्होंने कहा, "चूंकि उन्हें विधानसभा की सदस्यता छोड़ने का कारण बताने की आवश्यकता नहीं है, इसलिए उनके इस्तीफे सही प्रारूप में पाये गये और उन्हें स्वीकार कर लिया गया।"श्री प्रभाकर ने कहा कि इन तीनों विधायकों के इस्तीफे की सूचना भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को दी जाएगी, जो इन सीटों को खाली घोषित करेगा।
चुनाव आयोग इन तीन सीटों के साथ-साथ जल्द ही त्रिची पूर्व सीट के लिए भी उपचुनावों की घोषणा करेगा। यह सीट मुख्यमंत्री और टीवीके संस्थापक श्री विजय के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। श्री विजय 23 अप्रैल के चुनावों में दो सीटों से निर्वाचित हुए थे, लेकिन उन्होंने चेन्नई शहर की पेरम्बुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया।
फिलहाल प्रदेश में चार सीटों पर उपचुनाव होने हैं। अन्नाद्रमुक के पांच अन्य विधायकों ने पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर पार्टी व्हिप के निर्देशों के खिलाफ वोट देने के लिए माफी मांगी और उनसे अनुरोध किया कि वे दलबदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करने की कोई कार्रवाई शुरू न करें।
इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में अन्नाद्रमुक के तीन बागी नेताओं ने अपने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के तुरंत बाद, टीवीके के वरिष्ठ नेता और लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन की मौजूदगी में उनके कक्ष में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। अर्जुन ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया और उन्हें सदस्यता कार्ड सौंपकर औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कर लिया।
बाद में, वह श्री विजय से उनके कक्ष में मिले और उनका आशीर्वाद मांगा। सुश्री मरगथम कुमारवेल ने बाद में पत्रकारों से बात करते हुए टीवीके में शामिल होने के अपने फैसले को सही ठहराया और कहा कि उनके दिल और दिमाग ने अन्नाद्रमुक द्वारा द्रमुक के समर्थन से सरकार बनाने के पहले के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा, " मुझे लगा कि विश्वास मत में द्रमुक के समर्थन पर निर्भर रहने के बजाय टीवीके का समर्थन करना ही समझदारी होगी, क्योंकि द्रमुक तो अन्नाद्रमुक को खत्म करने की कोशिश कर रही थी।"उन्होंने यह कहते हुए कि उन्हें श्री विजय के शासन में 'अम्मा' (अन्नाद्रमुक की दिवंगत सुप्रीमो जे. जयललिता) के स्वर्णिम शासन की वापसी दिखाई देती है, उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर सुविधाओं और नयी योजनाओं की मांग को लेकर टीवीके में शामिल होने का फैसला किया।
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