चेन्नई , जून 05 -- तमिलनाडु में चेन्नई से लगभग 70 किलोमीटर दूर अराकोणम में नौसेना के छह पाटलटों ने हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण विद्यालय स्कूल (एचटीएस ) से अपना प्रशिक्षण पूरा कर आईएनएस राजाली नेवल बेस पर शुक्रवार को शानदार पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इन पायलटों को टोही , निगरानी, खोज और बचाव (एसएआर) और समुद्री लूट-रोधी अभियान चलाने वाली भारतीय नौसेना की अग्रिम पंक्ति की इकाइयों में तैनात किया जाएगा। यह परेड हेलीकॉप्टर कन्वर्जन कोर्स (एससीसी) के 106वें बैच की कठिन फ्लाइंग और ग्राउंड प्रशिक्षण के सफलतापूर्वक पूरे होने का प्रतीक थी। पीओपी के दौरान पूर्वी नौसेना कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल सुशील मेनन ने इन छह अधिकारियों को प्रतिष्ठित 'गोल्डन विंग्स' से सम्मानित किया। यह सम्मान इंडियन नेवल एयर स्क्वाड्रन (आईएनएएस)-561 में चले 22 हफ़्ते के गहन प्रोग्राम के पूरा होने और युवा ट्रेनीज़ के अभियान के लिए तैयार विमान चालक बनने का जश्न था।
फ्लाइंग में वरियता सूची में पहला स्थान पाने वाले प्रशिक्षु पायलट को पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उप -लेफ्टिनेंट अहोना मजूमदार को मिला।
वरीयता सूची में पहला स्थान हासिल करने के लिए लेफ्टिनेंट शिवम सिंह को 'सब-लेफ्टिनेंट कुंटे मेमोरियल बुक प्राइज़' दिया गया, जबकि सम्पूर्ण वरीयता सूची में पहला स्थान पाने के लिए लेफ्टिनेंट अरुण कुमार को 'केरल के गवर्नर की रोलिंग ट्रॉफी' दी गयी। यह सम्मान कोर्स के दौरान उनके बेहतरीन समर्पण और प्रदर्शन को देखते हुए दिया गया। पीओपी समारोह आधुनिक हवाई संचालन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम भविष्य के सैन्य पायलटों को तैयार करने के लिए एयर स्क्वाड्रन की अटूट प्रतिबद्धता का सबूत है।
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