चेन्नई , मई 08 -- तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अभी भी संशय बरकरार है।
तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) के संस्थापक विजय के पक्ष में हालात सुधरते दिखने के कुछ ही घंटों बाद उनके पास बहुमत होने को लेकर भारी असमंजस की स्थिति बन गयी। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने उन्हें समर्थन देने से इनकार कर दिया, जबकि विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने समर्थन पत्र जारी करने को लेकर अपना संशय बनाए रखा है और कड़ी मोलभाव में जुट गयी है। इस तरह शुक्रवार देर रात तक भी राजनीतिक स्थिति अनिश्चित बनी रही।
तेजी से बदलते घटनाक्रमों वाले श्री विजय ने 234-सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतीं, जो 118 के बहुमत के आंकड़े से (तकनीकी रूप से यह 117 है, क्योंकि श्री विजय ने दो सीटों से जीत हासिल की थी) 11 सीटें कम थीं। द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम नीत गठबंधन से अलग होने के बाद कांग्रेस ने अपने पाँच विधायकों का समर्थन देकर बहुमत के लिए ज़रूरी अंतर को कुछ कम कर दिया था। इसके अलावा दो वामपंथी दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी अपना बिना शर्त बाहर से समर्थन देने का वादा किया। इन दोनों पार्टी के क्रमशः दो-दो विधायक हैं।
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