चेन्नई , जुलाई 21 -- तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार का पहला आम बजट पांच अगस्त को राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि विधानसभा का बजट सत्र पांच अगस्त को सुबह 10 बजे शुरू होगा जब वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन टीवीके सरकार का पहला बजट और 2026-27 के लिए संशोधित अनुमान पेश करेंगी। छह अगस्त को मंत्री आर. विनोद कृषि बजट पेश करेंगे। तमिलनाडु का अंतरिम बजट द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम सरकार ने विधानसभा चुनावों के पहले फरवरी महीने में पेश किया था।

श्री प्रभाकर ने कहा कि पांच अगस्त को बजट पेश होने के बाद उनके चैंबर में व्यापार सलाहकार समिति की बैठक होगी। इस बैठक में सत्र की अवधि निर्धारित की जाएगी जिसके दौरान अलग-अलग विभागों के लिए अनुदान की मांग पर चर्चा होगी।

उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सरकार के समर्थक एवं आलोचक दोनों ही बजट की प्रशंसा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा की कार्यवाही का पूरा प्रसारण लाइव करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोकतांत्रिक बहस के महत्व पर बल देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों ही सदस्यों को अपनी बात रखनी चाहिए और दूसरों की अलग राय भी सुननी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा का सत्र सुचारू एवं शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा।

विलाथिकुलम के विधायक मार्कंडेयन की गिरफ्तारी से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर के बाहर किसी विधायक को गिरफ्तार करने के लिए अध्यक्ष से पहले अनुमति लेने का कोई नियम नहीं है।

विधानसभा के नियमों 291 और 292 का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अध्यक्ष की मंज़ूरी के बिना विधानसभा परिसर के अंदर किसी भी विधायक को गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता और उनकी अनुमति के बिना विधानसभा के भीतर किसी भी अदालती आदेश का पालन नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि असेंबली हॉल, उसकी लॉबी, उससे जुड़े कमरे, मंत्रियों के ऑफ़िस, समिति रूम एवं सचिवालय के भीतर तय की गई दूसरी जगहें विधानसभा परिसर एवं अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। हालांकि इन जगहों के बाहर की गई गिरफ़्तारियों के लिए पहले से मंज़ूरी लेने की आवश्यकता नहीं होती।

श्री प्रभाकर ने बताया कि उन्हें ज़िला अधिकारियों से गिरफ़्तारी के बारे में जानकारी मिली थी। उन्होंने आगे कहा कि श्री मार्कंडेयन की हालिया टिप्पणियों से जनता में नाराज़गी एवं चिंता उत्पन्न हुई और कोई भी समझदार व्यक्ति ऐसे बयानों को सही नहीं ठहराएगा। अगर कोई लिखित शिकायत दी जाती है तो विधानसभा के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अन्नाद्रमुक विधायकों के इस्तीफ़े जिनके ख़िलाफ़ अयोग्य ठहराने की कार्रवाई शुरू हुई थी उनके बारे में अध्यक्ष ने कहा कि उनका स्पष्टीकरण पार्टी नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी को भेज दिया गया है और जवाब का इंतज़ार है।

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