नयी दिल्ली , अक्टूबर 20 -- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 48 घंटों में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग ने मंगलवार को अपने बुलेटिन' में बताया कि 20 और 21 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।विभाग ने आगाह किया है कि भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में बाढ़ आ सकती है, फसलों को नुकसान पहुंच सकता है और सड़क तथा रेल सेवाएं बाधित हो सकती हैं। इसके अलावा केरल में लगातार बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

केरल और माहे में 20 से 26 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि लक्षद्वीप के लिए भी 22 से 26 अक्टूबर तक ऐसी ही चेतावनी जारी की गई है। बुलेटिन में कहा गया है कि 20 और 21 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में, 21 अक्टूबर को रायलसीमा में और 21 से 24 अक्टूबर तक दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है।

ये चेतावनियां अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे सक्रिय मौसमी तंत्रों के बीच आई हैं। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना एक स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके 22 अक्टूबर के आसपास सोमालिया तट की ओर बढ़ने से पहले, कमजोर होकर एक सामान्य कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है।

दक्षिण तमिलनाडु तट के पास, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है, जो समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ जुड़ा एक कम दबाव का क्षेत्र (ट्रफ) उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर जा रहा है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं, फसलों और बागानों को नुकसान पहुंच सकता है, कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं, और निचले इलाकों में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है । भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की आशंका है, दृश्यता कम हो सकती है और हेलीकॉप्टर सेवाओं में भी बाधा आ सकती है।

संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पर नज़र रखें और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें और आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।

विभाग ने 20 से 22 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे इलाकों के लिए, तथा 22 से 24 अक्टूबर तक केरल और कर्नाटक के तटों के पास और लक्षद्वीप क्षेत्र के लिए मछुआरों को चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी गति 40-50 किमी प्रति घंटा हो सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 20 अक्टूबर को और फिर 23 से 26 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश होने के आसार है, पूरे सप्ताह के दौरान यहाँ व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वानुमान की शुरुआती अवधि के दौरान रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक और ओडिशा के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने 20 से 26 अक्टूबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया है।

उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 23 अक्टूबर से कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत के ज़्यादातर हिस्सों में किसी बड़ी मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। गुजरात के राजकोट में देश का सबसे ज़्यादा तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हिमाचल प्रदेश के मंडी में सबसे कम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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