चेन्नई , जुलाई 17 -- तमिलनाडु में देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना के तहत खुद जानकारी भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा शुक्रवार को शुरू हो गयी।
तमिलनाडु में जनगणना कार्यों के निदेशक सुंदरेश बाबू ने आम जनता से इस अहम राष्ट्रीय काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।उन्होंने बताया कि 16वीं राष्ट्रीय जनगणना पूरे देश में एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 तक की जा रही है। तमिलनाडु में, 1,50,000 से ज़्यादा कर्मचारियों को तैनात करके एक अगस्त से 30 अगस्त, 2026 तक ज़मीनी स्तर पर काम (फील्ड ऑपरेशन ) किए जायेंगे।
श्री सुंदरेश बाबू ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे घर-घर जाकर जानकारी जुटाने वाले फील्ड कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास और मज़बूत जन-नीतियों को बनाने के लिए सही डेटा इकट्ठा करना बहुत ज़रूरी है।आवास जनगणना के दौरान, घरों की स्थिति, पीने के पानी की सुविधा, साफ़-सफ़ाई, बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी, खाना पकाने के लिए ईंधन और गाड़ी के मालिकाना हक जैसी चीज़ों के बारे में विस्तार से जानकारी इकट्ठा की जायेगी। यह ज़रूरी डेटा राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को बनाने का आधार बनेगा।
उन्होंने बताया कि देश की पहली डिजिटल जनगणना के तौर पर यह बदलाव एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी और 'प्रोसेसिंग' में लगने वाला समय कम होगा। पारंपरिक कागज़ी फ़ॉर्म की जगह, रियल-टाइम डेटा इकट्ठा करने के लिए खास मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जायेगा, जिसे एक इंटीग्रेटेड ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म-'सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम' (सीएमएमएस) -के ज़रिए आसान बनाया जायेगा।
' खुद जानकारी भरने (सेल्फ़-एन्यूमरेशन' ) की सुविधा, जिससे नागरिक सुरक्षित रूप से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं, आज से 31 जुलाई, 2026 तक 15 दिनों के लिए चालू रहेगी। तमिलनाडु के सभी परिवारों से अपील है कि वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सुरक्षित रूप से अपनी जानकारी खुद भरें। चूंकि दी गयी जानकारी सीधे आधिकारिक राष्ट्रीय डेटाबेस में जुड़ जायेगी, इसलिए लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी जानकारी पूरी तरह सही-सही भरें।
खुद से जानकारी भरने की प्रक्रिया पूरी होने पर, एक खास पहचान नंबर (यूनिक आइडेंटिफ़िकेशन नंबर) जेनरेट होगा। जब एन्यूमेरेटर (डेटा इकट्ठा करने वाले अधिकारी) नागरिकों के घर आयें, तो उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। जो परिवार खुद से जानकारी भरने का विकल्प नहीं चुनेंगे, उन्हें 1 अगस्त से 30 अगस्त, 2026 के बीच होने वाले आमने-सामने डेटा इकट्ठा करने (रेगुलर फ़िज़िकल एन्यूमरेशन) के चरण में शामिल किया जाएगा।
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