चेन्नई , सितंबर 19 -- तमिलनाडु में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)-वन्नियार समुदाय में प्रभाव रखने वाले पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) ने छह अक्टूबर को होने वाले मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं देने का फैसला किया है। दोनों आरक्षित सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला है।

पीएमके अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य अंबुमणि रामदास ने शुक्रवार रात वरिष्ठ पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी दोनों उपचुनाव में तटस्थ रुख अपनाएगी और किसी भी दल को समर्थन नहीं देगी। मदुरांतकम उत्तर जिलों में आता है, जहां पीएमके का वन्नियार समुदाय में उल्लेखनीय समर्थन आधार माना जाता है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यहां जारी एक बयान में कहा कि पीएमके के इन चुनावों में उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने कहा, "मैं सूचित करना चाहता हूं कि राज्य पदाधिकारियों और दोनों विधानसभा क्षेत्रों की जिला इकाइयों के साथ विचार-विमर्श के बाद उपचुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं देने का फैसला किया गया है।"रिपोर्टों के अनुसार, पीएमके अन्नाद्रमुक द्वारा पार्टी से विचार-विमर्श किए बिना उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने से कथित तौर पर नाराज थी। माना जा रहा है कि यही कारण रहा कि पार्टी ने अपना रुख घोषित करने में देरी की। पीएमके के इस फैसले से अन्नाद्रमुक को झटका लगा है। अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी लगातार कहते रहे थे कि पीएमके उपचुनाव में अन्नाद्रमुक का समर्थन करेगी।

उपचुनाव में सत्तारूढ़ टीवीके, मुख्य विपक्षी द्रमुक और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले मोर्चों के बीच बहुकोणीय मुकाबला है। अभिनेता-निर्देशक सीमान की नाम तमिलर काची और वाम दल भी चुनाव मैदान में हैं। वाम दल एक-एक सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) धारापुरम और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) मदुरांतकम से उम्मीदवार उतार रही है। दोनों दल मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।

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