चेन्नई , जुलाई 15 -- तमिलनाडु पुलिस ने राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी और उनका सेवन करने वालों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए इस वर्ष रिकॉर्ड मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के. महेश कुमार अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि बहुस्तरीय रणनीति के तहत राज्य में मादक पदार्थों के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

आज यहां जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार तमिलनाडु सरकार ने राज्यभर में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे की लत पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति अपनाई है। आक्रामक प्रवर्तन कार्रवाई, तस्करों की संपत्तियों को फ्रीज करने, संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ बनाने तथा जनभागीदारी आधारित नशा-निरोधक उपायों के समन्वित क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 की पहली छमाही में रिकॉर्ड मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है।

तीन से पांच जुलाई तक राज्यव्यापी विशेष अभियान के बाद आठ जुलाई से आठ अगस्त तक एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जुलाई में अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,020 मामले दर्ज किए गए हैं और 1,270 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 1,034 किलोग्राम गांजा, 4.5 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ तथा 4,579 नशीली गोलियां जब्त की गई हैं।

डीजीपी ने बताया कि राज्य के 3,950 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ायी गयी है तथा 2,850 संदिग्धों की जांच की गयी। आंध्र-ओडिशा सीमा, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार और त्रिपुरा से गांजे की तस्करी रोकने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र से आने वाली छह प्रमुख ट्रेनों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आपूर्तिकर्ताओं, वित्तपोषकों और खरीदारों की पहचान की जा रही है। इस वर्ष अब तक 472 मादक पदार्थ तस्करों को गुंडा अधिनियम के तहत निरुद्ध किया गया है, जबकि 1,420 मामलों में सफल अभियोजन के बाद दोषी पाये गये हैं।

तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनकी बैंक जमा राशि फ्रीज करने और अचल संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

डीजीपी ने बताया कि प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष राज्य में अब तक 9450 मामले दर्ज कर 1.6 लाख किलोग्राम तंबाकू उत्पाद जब्त किये गये हैं और 5.85 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है तथा 2,453 प्रतिष्ठानों को सील किया गया है।

विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सहित प्रवर्तन एजेंसियां तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही हैं। चालू वर्ष के दौरान राज्य में लगभग 1.60 लाख किलोग्राम तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए हैं तथा इस संबंध में 9,450 मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक 5.85 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है, जबकि खाद्य सुरक्षा एवं मानक विभाग (एफएसएसडी) तथा स्थानीय निकाय (एलबी) अधिकारियों ने 2,453 प्रतिष्ठानों को सील किया है।

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