चेन्नई , मार्च 28 -- तमिलनाडु में सत्ताधारी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए 164 उम्मीदवारों की सूची जारी की।
द्रमुक की इस सूची में 34 में से 28 मंत्रियों को बरकरार रखा गया है, जबकि छह मंत्रियों को टिकट नहीं दिया गया। इसके अलावा, कई मौजूदा विधायकों और कई नए चेहरों को भी टिकट दिए गये हैं। इस सूची में स्नातक, डॉक्टर, वकील, मौजूदा विधायक और अन्ना द्रमुक से निकाले गये नेता शामिल हैं। जिन मंत्रियों को टिकट नहीं दिए गए, उनमें के. पोनमुडी (जिन्होंने खुद चुनाव न लड़ने का फैसला किया था), आर. गांधी, सुश्री कायलविझी सेल्वराज, एस.एम. नासिर और मनो थंगराज शामिल हैं। श्री पोनमुडी के पुत्र डॉ. पोन गौतम सिगमणि (तिरुकोविलुर) और गांधी के पुत्र विनोद गांधी (रानीपेट) को टिकट दिए गये हैं। ये दोनों सीटें मौजूदा मंत्रियों के पास थीं।
द्रमुक के नेतृत्व वाले 'धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन' (एसपीए) में शामिल सहयोगी दलों को आवंटित सीटों की घोषणा करने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने उम्मीदवारों की सूची जारी की। उन्होंने बताया कि अन्ना द्रमुक के वे पूर्व मंत्री, जो पहले निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम के साथ थे और हाल ही में द्रमुक में शामिल हुए हैं, जिनमें आर. वैथिलिंगम (ओराथानाड) भी शामिल हैं। उन्हें भी उनके पारंपरिक गढ़ों से ही टिकट दिए गए हैं। श्री पन्नीरसेल्वम, जिन्होंने अपने समर्थकों की बात मानते हुए और अन्नाद्रमुक तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंध (राजग) में वापस लौटने की अपनी कोशिशें नाकाम होने के बाद हाल ही में द्रमुक का दामन थामा था, उन्हें भी टिकट दिया गया है। वह अपने गृह जिले थेनी की बोदिनायकानुर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
इस सूची में 18 महिला उम्मीदवार शामिल थीं। श्री स्टालिन ने पत्रकारों को बताया कि इसमें 29 वकील, 15 डॉक्टर, 17 स्नातक और 60 से ज़्यादा नए चेहरे शामिल हैं। इसमें वरिष्ठ नेता और पार्टी के बड़े चेहरे भी शामिल थे, जिन्हें उनके पारंपरिक गढ़ों से मैदान में उतारा गया था। इसका मकसद 234 विधानसभा सीटों में से 200 से ज़्यादा सीटें जीतकर, दोबारा सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल करना था। यह बताते हुए कि द्रमुक का घोषणापत्र रविवार को जारी किया जाएगा।
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