चेन्नई , अगस्त 05 -- तमिलनाडु सरकार ने पेट्रोलियम-आधारित उत्पादों की मांग कम करने और पर्यावरण प्रदूषण घटाने के लिए बुधवार को राज्य विधानसभा में घोषणा की कि जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों की सर्विसिंग करने वाले मैकेनिकों को इलेक्ट्रिक वाहनों और उनकी बैटरियों के रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे इनकी अच्छी तरह सर्विसिंग कर सकें।

टीवीके सरकार का पहला बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने कहा कि अगले पांच वर्षों में इस योजना से 22,500 लोगों को फ़ायदा होगा जिनमें जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों की सर्विसिंग करने वाले 12,500 मैकेनिक भी शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष में इस योजना के लिए तीन करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि तमिलनाडु के युवाओं को उभरते हुए वैश्विक नौकरी के अवसरों का फ़ायदा उठाने में मदद करने के लिए, सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग का एक नया पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस पर अनुमानित 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह पाठ्यक्रम पांच साल की अवधि में 50 आईटीआई में शुरू किया जाएगा, जिसमें हर साल 10 आईटीआई को शामिल किया जाएगा।

इस पहल के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 24,000 छात्रों को एआई तकनीक में प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य में पांच नए आईटीआई भी 90 करोड़ रुपये की लागत से खोले जाएंगे।

श्री विल्सन ने कहा कि युवाओं को आधुनिक कौशल से युक्त करने, उन्हें नौकरी के काबिल बनाने और उनमें उद्धमिता में रुचि जगाने के लिए सरकार 'वेट्री कौशल प्रशिक्षण योजना' शुरू करेगी। इस योजना के तहत, इस वर्ष 12 लाख कॉलेज विद्यार्थियों और एक लाख बेरोजगारों को उद्योग की ज़रूरतों के हिसाब से कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, पहले चरण में 20,000 युवाओं को सरकार और निजी उद्योगों के सहयोग से इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे।

इंटर्नशिप प्रशिक्षण के दौरान, स्नातक और व्यावसायिक शिक्षा योग्यता वाले लोग को हर महीने वजीफा मिलेगा। जिन परिवारों में कोई स्थायी नौकरी नहीं है वहां के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

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