भुवनेश्वर , जून 22 -- तमिलनाडु के तिरुवल्लूर ज़िले में पेरियापालयम के पास कनिगईपैर में एक सीफ़ूड निर्यात इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की दुखद घटना में मरने वाले ओडिया श्रमिकों की संख्या बढ़कर पांच हो गयी है।
ओडिशा के श्रम मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने सोमवार को कहा कि इस घटना में क्योंझर ज़िले की पांच महिला श्रमिकों की मौत हो गयी जबकि गैस के रिसाव के संपर्क में आने से कई अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो मज़दूरों की मौत 21 जून को हुई जबकि तीन अन्य की मौत 22 जून को हुई। मृतकों की पहचान जिमानी जिवांग (19), गीता जिवांग, भूमिया जिवांग (22), सिबानी (22) और फुलोमनी जुआंगा के रूप में हुई है; ये सभी ओडिशा के क्योंझर ज़िले की निवासी थीं। राज्य सरकार ने तमिलनाडु प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों के शवों को जल्द से जल्द ओडिशा वापस लाने के लिए कदम उठा रही है।
राहत एवं सहायता कार्यों की देखरेख के लिए ओडिशा सरकार ने तिरुवल्लुर में तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है। इनमें से एक अधिकारी एम.एम. पाइक चेन्नई में ही रूकेंगे ताकि वे संयुक्त श्रम आयुक्त और सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिकारियों के साथ मिलकर पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में तालमेल बिठा सकें। शेष दो अधिकारी, राजेश अग्रवाल और बी.बी. आचार्य, राहत कार्यों की देखरेख एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल सुनिश्चित करने के लिए तिरुवल्लूर गये हैं। इस बीच, अस्पतालों में भर्ती घायल श्रमिकों का इलाज चल रहा है और कुछ की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जान गंवाने वाले हर मज़दूर के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की और इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायल कर्मचारियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार प्रभावित कर्मचारियों को हर संभव मदद सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाये हुए है।
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्य सचिव से बातचीत की ताकि घायलों को सही इलाज मिल सके और हर ज़रूरी मदद उपलब्ध करायी जा सके।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए ओडिशा के वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित श्रमिकों के इलाज और अन्य व्यवस्थाओं में मदद करने के लिए तिरुवल्लूर में स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
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