चेन्नई , मार्च 25 -- तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व कर रही प्रमुख विपक्षी अन्नाद्रमुक ने बुधवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें 20 पूर्व मंत्रियों सहित वरिष्ठ नेताओं को बरकरार रखा गया है।
यह सूची सभी प्रमुख सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप देने और मुफ्त वादों वाले घोषणापत्र जारी करने के एक दिन बाद जारी की गई है। इनमें से अधिकांश लोकप्रिय चेहरे हैं जो दिवंगत अन्नाद्रमुक नेता जे जयललिता के कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। वे उन सीटों से चुनाव लड़ेंगे जिन्हें उनका पारंपरिक गढ़ माना जाता है और जहां वे कई बार जीत हासिल कर चुके हैं।
पार्टी के दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारकर, अन्नाद्रमुक के महासचिव के एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वह सत्तारूढ़ द्रमुक के खिलाफ एक मजबूत चुनौती पेश करने का इरादे रखते हैं, जिसे उन्होंने सत्ता से बेदखल करने की कसम खाई है।
पार्टी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उन सीटों की संख्या की घोषणा नहीं की है जिन पर वह चुनाव लड़ेगी, लेकिन उसने कुल 234 विधानसभा सीटों में से 63 सीटें अपने सहयोगियों को आवंटित कर दी है। अन्नाद्रमुक के महासचिव और राजग के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने उच्च दांव वाले चुनावों के लिए प्रचार शुरू करने से कुछ घंटे पहले उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की हैं जिससे कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
अन्नाद्रमुक ने अपनी प्रमुख सहयोगी भाजपा को 27 सीटें, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. अंबुमणि के नेतृत्व वाले पीएमके गुट को 18 सीटें, कुछ महीने पहले एनडीए से अलग होने के बाद वापस लौटे अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कज़गम (एएमएमके) के टीटीवी दिनाकरन को 11 सीटें, पूर्व केंद्रीय जहाजरानी मंत्री जी.के. वासन की तमिल मानिला कांग्रेस (टीएमसी) को पांच सीटें और भाजपा के कमल चिन्ह पर चुनाव लड़ने वाले छोटे सहयोगियों को दो सीटें आवंटित की हैं। श्री वासन भी इस बार भाजपा के चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
शेष 171 सीटों में अन्नाद्रमुक आईजेके और न्यू जस्टिस पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को कुछ और सीटें सौंपने के बाद (जो अन्नाद्रमुक के "दो पत्ती" चिन्ह या भाजपा के कमल चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे) लगभग 165 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। 2021 के विधानसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक ने 179 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 66 सीटें जीती थीं।
इस सूची में विपक्ष के नेता पलानीस्वामी स्वयं अपने गढ़ एडप्पाडी से चुनाव लड़ेंगे, जो उनके गृह जिले सलेम में स्थित है और जहां से वे रिकॉर्ड नौवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रमुख नामों वाली सूची में वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आर.बी. उदयकुमार (तिरुमंगलम), के.पी. मुनुसामी (वेप्पनहल्ली), नाथम आर विश्वनाथन (नाथम), डी. जयकुमार (रॉयपुरम), सी.वे. शनमुगम (मयिलम), एस.पी. वेलुमणि (थोंडमुथुर), पी. थंगामणि (कुमारपालयम), सेलूर के. राजू (मदुरै पश्चिम), ओ.एस. मणियन (वेदारण्यम), डॉ. सी. विजयभास्कर (विरालिमलाई), के.पी. अनबालागन (पलाकोड), कदम्बुर सी. राजू (कोविलपट्टी), डिंडीगुल श्रीनिवासन (डिंडीगुल), आर. कामराह (नन्नीलम), के टी राजेंद्र बालाजी (शिवकाशी), पी बेंजामिन (मदुरावॉयल), एग्री एस एस कृष्णमूर्ति (कलासापक्कम), के सी करुप्पन्नन (भवानी), के सी वीरमणि (जोलारपेट्टई) और एम आर विजयभास्कर (करूर), के अलावा वरिष्ठ नेता वी वी राजन चेलप्पा (तिरुपरनकुंद्रम) और थमराई एस राजेंद्रन (अरियालुर) आदि शामिल हैं।
श्री पलानीस्वामी एडप्पाडी से लगातार चौथी जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने 1989 में पहली बार राज्य विधानसभा में प्रवेश करने के बाद 2011, 2016 और 2021 में लगातार चुनाव जीता है और 1991 में फिर से निर्वाचित हुए थे जब जे जयललिता पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं और उन्होंने तमिलनाडु की धरती पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद फैली व्यापक सहानुभूति की लहर का फायदा उठाया था।
वर्ष 1996, 2001 और 2006 में लगातार तीन चुनाव हारने के बाद, श्री पलानीस्वामी ने 2011 में जीत की राह पर वापसी की और लगातार तीसरी बार राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और अब वे छठी जीत और लगातार चौथी जीत पर नजर बनाए हुए हैं।
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