चेन्नई , सितंबर 04 -- तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन 2022 में अपने भाई और भाभी के साथ मारपीट के आपराधिक मामले में शुक्रवार को पुडुचेरी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए।

मद्रास उच्च न्यायालय को दिए गए आश्वासन के मुताबिक श्री विल्सन अपने वकीलों के साथ पुडुचेरी की अदालत में पेश हुए और मामले में आरोपपत्र की अतिरिक्त कॉपी ली। इससे पहले वह कई बार पेश नहीं हुए थे और बार-बार छूट मांगने पर उन्हें फटकार लगाई थी और कहा था कि वह इंग्लैंड के राजा नहीं हैं बल्कि सिर्फ एक वित्त मंत्री हैं।

उनकी यह पेशी उच्च न्यायालय द्वारा 28 अगस्त को उनके खिलाफ मारपीट के मामले को रद्द करने की याचिका को वापस लेने के आधार पर खारिज करने के बाद हुई है। मंत्री ने विधानसभा सत्र चलने का हवाला देते हुए बताया था कि वह 31 अगस्त के बाद पुडुचेरी की न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होंगे। मंत्री के अधिवक्ता की दलीलों को मानते हुए न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने विधायी कर्तव्यों के कारण छूट के उनके दावों को खारिज कर दिया और उनकी याचिका को वापस लेने के आधार पर खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि 28 अगस्त को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने आपराधिक मामले में पुडुचेरी प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से बार-बार छूट मांगने पर मंत्री को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि वह इंग्लैंड के राजाृ नहीं हैं जो अदालत में पेश होने से मना कर सकें। जब मंत्री के अधिवक्ता ने विधानसभा सत्र का हवाला देते हुए फिर से छूट मांगी, तो न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव भी पद पर रहते हुए अदालत में पेश हुए थे और सवाल किया कि क्या याचिकाकर्ता मंत्री बनने से पहले अदालत में पेश हुए थे, मंत्री बनने के बाद ऐसा करने से इनकार कर सकते हैं।

मंत्री शुक्रवार को इसी आश्वासन के तहत पुडुचेरी की अदालत में पेश हुए। मंत्री की याचिका अगस्त 2022 के उस मामले को रद्द करने से संबंधित थी जिसे पुडुचेरी में लॉस्पेट पुलिस ने दर्ज किया था।

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