चेन्नई , मई 05 -- तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विधानसभा चुनाव में द्रमुक की हार के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का इस्तीफा मंगलवार को स्वीकार कर लिया।
राज्यपाल ने निवर्तमान मुख्यमंत्री से वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पद पर बने रहने का भी अनुरोध किया है। नयी सरकार के गठन तक श्री स्टालिन कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद पर बने रहेंगे। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जहां उसने 234 में से केवल 59 सीटों पर जीत हासिल की है।
तमिलनाडु राजभवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, "तमिलनाडु के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री थिरु एमके स्टालिन और उनके मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राज्यपाल ने उनसे वैकल्पिक व्यवस्थाइस बीच छह दशक लंबे द्रविड़ वर्चस्व को खत्म कर शानदार तरीके से चुनाव जीतने वाले 'तमिलगा वेत्री कषगम' (टीवीके) के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने का समय मांगा है, ताकि वे अगली सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश कर सकें।
हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में श्री विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। हालांकि, यह बहुमत के 118 सीटों के आंकड़े से थोड़ा दूर है और उम्मीद है कि सरकार बनाने के लिए वह कांग्रेस और अन्य छोटे दलों से समर्थन मांगेगी।
रिपोर्टों के अनुसार, राजभवन को भेजे गये ईमेल में श्री विजय ने कहा कि 108 विधायकों के साथ टीवीके को सबसे बड़े दल के रूप में स्पष्ट जनादेश मिला है और उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए समय सीमा की भी मांग की है।
श्री विजय ने कहा, "हम 108 विधायकों के साथ सबसे बड़े दल हैं और हमारे पास सरकार बनाने का अधिकार है। हम अपना बहुमत साबित करने के अवसर का अनुरोध करते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह 15 दिनों के भीतर जरूरी संख्या साबित कर देंगे।
सूत्रों ने संकेत दिया है कि राज्यपाल जल्द ही विजय को आमंत्रित कर सकते हैं और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 7 से 15 दिनों का समय दे सकते हैं, क्योंकि टीवीके साधारण बहुमत से महज 10 सीटें दूर है। तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है।
इस बीच, उम्मीद है कि आज दिन में पनैयुर स्थित पार्टी मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में श्री विजय को टीवीके विधायक दल का नेता चुना जायेगा। इसके बाद उनके राज्यपाल से मिलने, विधायक दल के नेता के चयन का प्रस्ताव सौंपने और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश करने की संभावना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित