चेन्नई , मार्च 03 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने केंद्र की भाजपा सरकार से कीलाड़ी, अडिचनूर और नागपट्टिनम सहित आठ पुरातात्विक उत्खनन प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी देने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र की ओर से मंजूरी में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिल सभ्यता की प्राचीनता भारत की गरिमा को कम नहीं करती, बल्कि देश की सभ्यतागत विरासत को और समृद्ध करती है। उन्होंने पूछा कि आखिर केंद्र सरकार किस बात से हिचक रही है और तुरंत स्वीकृति देने की मांग की।
श्री स्टालिन ने बताया कि उत्खनन का मौसम तमिलनाडु में जनवरी से जुलाई तक ही रहता है। यदि यह समय निकल गया तो मानसून के कारण फील्डवर्क रुक जाएगा, महत्वपूर्ण शोध में देरी होगी और वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित धन व्यर्थ चला जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ने लिखा, "कीलाड़ी बोले, इतिहास उभरे। तमिलनाडु ने कीलाड़ी, अडिचनूर और नागपट्टिनम सहित आठ पुरातात्विक उत्खननों के लिए केंद्र की भाजपा सरकार से तत्काल मंजूरी मांगी है। प्रस्ताव जुलाई 2025 में भेजे गए थे और नवंबर में एएसआई महानिदेशक की बैठक में लिये गये थे, फिर भी आठ महीनों से अनुमति लंबित है।"उन्होंने कहा कि प्रस्ताव जुलाई 2025 में प्रस्तुत किए गए थे और नवंबर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन पर चर्चा भी हुई थी, लेकिन आठ महीनों से अनुमति लंबित है। राज्य सरकार द्वारा बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
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