कोयंबटूर , अप्रैल 18 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम पर परिवार की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि द्रमुक राज्य की सत्ता बाहर हो रही है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रवेश कर रहा है।
श्री मोदी ने शनिवार को यहां चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। राज्य की जनता एक साफ़ संदेश दे रही है कि राजग अंदर आ रहा है और द्रमुक बाहर जा रही है। उन्होंने कहा, "अभी कुछ ही दिन पहले, हमारे तमिल भाई-बहनों ने पूरी दुनिया में पुथांडु मनाया। इस मौके पर मैं आप सभी के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूँ।"उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु में दो चीजें रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी हैं, एक सत्ताधारी परिवार की संपत्ति और दूसरा राज्य पर कर्ज का बोझ। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के परिवार के भीतर 'बेटे और दामाद' के बीच लूट की प्रतिस्पर्धा होने का दावा करते हुए कहा कि राज्य का पैसा जनहित के बजाय एक परिवार की तिजोरी में जा रहा है, जिससे तमिलनाडु के प्रत्येक नागरिक पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने द्रमुक और भाजपा के बीच फर्क समझाते हुए कहा कि द्रमुक के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और दिल्ली में मौजूद उनके प्रमुख सांसद ये सभी एक ही परिवार से आते हैं। यहाँ तक कि फ़िल्म उद्योग, मीडिया और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी एक ही परिवार के नियंत्रण में हैं।
उन्होंने कहा, "श्री सी. पी. राधाकृष्णन का कोई राजनीतिक वंश नहीं था। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। आज, कोयंबटूर का यह बेटा हमारे उपराष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा कर रहा है।"उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएँ चला रही है। करोड़ों बैंक खाते, पक्के घर, पानी के कनेक्शन और मुद्रा ऋण इन सभी का लोगों के जीवन पर गहरा और सकारात्मक असर पड़ा है।
उन्होंने कहा, "25 करोड़ लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकाला गया है। हमें आपकी बचत की परवाह है। आज आपको 12 लाख तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। यह एक सीधी बचत है।"प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरें कम करके राहत की एक और परत जोड़ी है, ताकि लोगों को कम पैसे देने पड़ें। ज़रा सोचिए कि हमारे मध्यम वर्ग को इससे कितना फ़ायदा होता है।"उन्होंने कहा कि जन औषधि स्टोर पर दवाएँ 80 प्रतिशत तक सस्ती मिलती हैं। अनुमान बताते हैं कि इन जन औषधि केंद्रों के ज़रिए हर परिवार ने लगभग 12 हज़ार रुपये बचाए हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस योजना के तहत गरीबों को मुफ़्त डायलिसिस की सुविधा मिलती है।
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