नयी दिल्ली , अप्रैल 17 -- चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान कड़ी निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाईयों के तहत अकेले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में कुल जब्ती 865 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की जानकारी दी है। यह कार्रवाई 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से नकद, शराब, ड्रग्स, कीमती धातु और अन्य मुफ्त उपहारों को रोकने के उद्देश्य से की गई है।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। आयोग ने कहा कि उसने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। इसके लिए राज्य प्रशासन और केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों के साथ व्यापक समन्वय किया गया, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।

आयोग ने बताया कि मुख्य सचिवों, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस महानिदेशकों और चुनाव वाले तथा पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठकें की गईं। इन बैठकों में हिंसा-मुक्त और भय-मुक्त चुनाव कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली के तहत 26 फरवरी से आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रवर्तन एजेंसियों ने 17 अप्रैल तक तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 865 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ, कीमती धातुएं और अन्य प्रलोभन की वस्तुएं जब्त की हैं।

पश्चिम बंगाल में कुल 427 करोड़ रुपये की जब्ती हुई, जिसमें 100 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ, 172 करोड़ रुपये के मुफ्त उपहार और अन्य प्रलोभन तथा 81 करोड़ रुपये की शराब शामिल है। तमिलनाडु में कुल जब्ती और भी अधिक यानी 438 करोड़ रुपये रही। इसमें 105 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं, 178 करोड़ रुपये के मुफ्त उपहार और 74 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्ती का एक बड़ा हिस्सा थे।

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