चेन्नई , अगस्त 10 -- पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. अंबुमणि रामदास ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की धान और गन्ना खरीद के लिए घोषित प्रोत्साहन राशि को अपर्याप्त करार देते हुए तमिलनाडु सरकार से इस साल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति क्विंटल और अगले वर्ष 3,500 रुपये करने की मांग की है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबुमणि रामदास ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि तमिलगा वेत्री कषगम(टीवीके) सरकार ने चालू वर्ष के दौरान खरीदे गये धान के लिए राज्य प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर महीन किस्मों के लिए 289 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्मों के लिए 159 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। इसी तरह गन्ने का प्रोत्साहन बढ़ाकर 709.50 रुपये कर दिया गया है, जिससे कुल खरीद मूल्य 4,000 रुपये प्रति टन हो गया है।

श्री अंबुमणि के अनुसार, सरकार ने सामान्य किस्म के धान के प्रोत्साहन में केवल 28 रुपये की वृद्धि की है, जो बेहद अपर्याप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के खरीदे जाने वाले धान में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सामान्य किस्मों का होता है, इसलिए इसकी खरीद मूल्य में पर्याप्त वृद्धि की जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल ओडिशा ने धान पर 800 रुपये प्रति क्विंटल और केरल ने 650 रुपये प्रति क्विंटल का प्रोत्साहन दिया था।इस वर्ष सामान्य किस्म के धान के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 559 रुपये प्रति क्विंटल की जाये, ताकि किसानों को 3,000 रुपये मिले और अगले वर्ष इसे बढ़ाकर 3,500 रुपये किया जाये।

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