चेन्नई , मई 29 -- कांग्रेस सांसद एस जोतिमणि ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पार्टी टिकटों के वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुईं।
पार्टी में हाशिये पर धकेले जाने से नाराज सुश्री जोतिमणि ने असहमति के स्वर मुखर किये हैं।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, " पहले से तय उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए खास चुनाव क्षेत्रों की मांग की गयी और उन्हें आवंटित किया गया। सर्वेक्षण की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। "इसके साथ ही उन्होंने इस मामले की उचित जांच की मांग की। करूर सीट से दो बार की लोकसभा सांसद ने कहा, " दशकों से पार्टी की सेवा करने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और चुनाव जीतने की वास्तविक संभावना रखने वाले उम्मीदवारों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया, जबकि बातचीत तय होने के बाद चुनाव जीतने की बहुत कम या कोई संभावना न रखने वाले कई नये चेहरों को खास तौर से उनके अनुकूल सीटों पर मौके दिये गये। "उन्होंने कहा, " चुनाव लड़ने का मौका पाने वाले कुछ लोग तो चुनाव के कुछ ही दिनों के भीतर या तो पार्टी छोड़कर चले गये या फिर निष्क्रिय हो गये।" उन्होंने सवाल उठाया, " इन लोगों को मौके किसने दिये? किस आधार पर इनका चयन किया गया? इन गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी है?"उन्होंने साफ किया कि इस मामले में सिर्फ एक जांच समिति बना देना गलत काम करने वालों को बचाने का इंतजाम होगा, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि केवल कांग्रेस ही इन आरोपों की जांच कर सकती है, क्योंकि टिकटों के बंटवारे में शामिल समिति की अध्यक्षता तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी गिरीश चोडनकर कर रहे हैं। उन्होंने अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं का भरोसा फिर से बहाल हो सके और संगठन को मजबूती मिले।
इससे पहले जब मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सत्तारूढ़ 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (टीवीके) में शामिल होने वाले और अपने पदों से इस्तीफा देने वाले अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों का कांग्रेस बचाव कर रही थी, तब भी उन्होंने इसकी आलोचना करते हुए इसे 'हॉर्स ट्रेडिंग' करार दिया था। विजय सरकार में कांग्रेस के शामिल होने के बावजूद उन्होंने पार्टी लाइन से अलग हटकर अपनी बात रखी।
कांग्रेस ने द्रमुक की अगुवाई वाले मोर्चे के हिस्से के रूप में चुनाव में 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे महज पांच सीटों पर जीत मिली थी। टीवीके तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी तो, लेकिन बहुमत से दूर रह गयी थी। इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने द्रमुक से अपने रिश्ते तोड़ लिये और श्री विजय की पार्टी के साथ गठबंधन किया और उनकी कैबिनेट में शामिल हो गयी।
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