चमोली , अगस्त 12 -- उत्तराखंड के चमोली जिला में चीन सीमा के निकट ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर सोमवार को तमक नाले में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह बढ़ने से 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली पुल पूरी तरह बह जाने और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एक चालक और वाहन के बह जाने के बाद बुधवार को चमोली के जिला अधिकारी (डीएम) गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुरजीत सिंह पंवार ने हेलिकाप्टर से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।

राहत की बात यह रही कि यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के लिए मंगलवार को कृत्रिम मार्ग शुरू कर दिया गया था।

दोनों अधिकारियों ने तमक नाले का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्र, क्षतिग्रस्त बेली पुल तथा मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। दोनों ने मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमों से अभियान की प्रगति एवं अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली तथा लापता व्यक्ति की तलाश में संचालित तलाश अभियान को पूरी सतर्कता एवं बेहतर आपसी समन्वय के साथ जारी रखने के निर्देश दिए। स्थलीय निरीक्षण से पूर्व डीएम एवं एसपी द्वारा तमक नाले के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने फ्लैश फ्लड से प्रभावित क्षेत्र, जलप्रवाह की स्थिति तथा आसपास के भौगोलिक क्षेत्र का बारीकी से अवलोकन किया।

इस दौरान वर्ष 2021 में रैणी क्षेत्र में ऋषिगंगा के ऊपरी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ से हुई आपदा के मुहाने का भी हवाई निरीक्षण किया गया। जहां से ग्लेशियर टूटने के बाद भारी जलप्रवाह एवं मलबा नीचे की ओर आया था। अधिकारियों ने आपदा के उद्गम क्षेत्र की वर्तमान स्थिति एवं आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लेते हुए संभावित जोखिमों के दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का आकलन किया।

श्री कुमार ने बताया कि तमक नाले में अचानक आई फ्लैश फ्लड के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ संस्थान से विस्तृत अध्ययन एवं तकनीकी आकलन कराया जाएगा, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी सुधारात्मक एवं निवारक उपाय सुनिश्चित किए जा सकें।

निरीक्षण के दौरान डीएम एवं एसपी ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार प्रभावित लोगों को अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने रेस्क्यू टीमों द्वारा लापता व्यक्ति की तलाश के लिए चलाए जा रहे तलाश एवं बचाव अभियान की भी जानकारी ली। उन्होंने विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं तेज जलप्रवाह को देखते हुए रेस्क्यू टीमों को पूरी सावधानी के साथ अभियान संचालित करने तथा सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान दोनों ने बचाव अभियान में लगातार जुटे जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया तथा उन्हें नाश्ता बांटा गया। अधिकारियों ने रेस्क्यू टीमों के समर्पण एवं तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी सभी एजेंसियां पूरी गंभीरता एवं समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं और लापता व्यक्ति की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

इस दौरान उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, कर्नल शांतनु, लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक, मेजर विकास, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, बीआरओ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

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