देहरादून/चमोली , अगस्त 11 -- उत्तराखंड में चीन सीमा को जोड़ने वाले चमोली जिलान्तर्गत ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर नीति घाटी के तमकनाला पर सोमवार को अतिवृष्टि के कारण तेज पानी के बहाव में बहे वैली पुल पर यातायात सुचारू करने के लिए मंगलवार सुबह से ही काम जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें लगातार रेस्क्यू और बचाव कार्य में लगी हैं। नाले पर ह्यूम पाइप द्वारा अस्थाई मोटर मार्ग बनाने में टीमें संलग्न हैं। जबकि आज पानी कम होने पर मलवे में दबे कई वाहन मिले हैं। अभी तक लापता बीआरओ के चालक का कोई पता नहीं चल सका है।

नीति घाटी के इस सीमांत इलाके में चीन सीमा पर सेना और अर्धसैनिक बलों के कई पोस्ट स्थापित हैं। वैली पुल टूटने से इन सभी का सम्पर्क टूट चुका है। बेली ब्रिज बहने की घटना के बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम की जिलाधिकारी चमोली एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त से जानकारी ली। उन्होंने राहत-बचाव, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कनेक्टिविटी बहाली को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति एवं नुकसान का स्वयं आकलन करने को कहा, ताकि राहत और पुनर्व्यवस्था से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए निचले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी जाए।

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