ग्वालियर , मई 12 -- ग्वालियर की विशेष सत्र अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, लूट और साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने सभी आरोपियों को 22 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है।
अदालती सूत्रों के अनुसार मामले में तत्कालीन थाटीपुर थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह, उपनिरीक्षक अजय सिंह और हवलदार संतोष वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता अनूप राणा ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उसके परिवार से करीब 30 लाख रुपये की अवैध वसूली की है।
शिकायतकर्ता पक्ष के अधिवक्ता अशोक प्रजापति ने बताया कि यह मामला वर्ष 2024 से अदालत में विचाराधीन था, जिस पर सोमवार को आदेश पारित किया गया। शिकायत के अनुसार अनूप राणा के भाई पर थाटीपुर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था, जिसमें फरियादी से समझौता हो चुका था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने पहले पांच लाख रुपये लिए और बाद में और रकम की मांग की। आरोप है कि थाना प्रभारी के निर्देश पर हवलदार संतोष वर्मा ने अनूप राणा के घर से साढ़े नौ लाख रुपये तथा मामले से जुड़ी एक महिला आरोपी के घर से 15 लाख रुपये वसूले।
अनूप राणा ने तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल से लिखित शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय मामला पुनः थाटीपुर थाने भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने अनूप राणा को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके चलते उसने अदालत की शरण ली।
सुनवाई के दौरान अदालत ने थाटीपुर थाने के सीसीटीवी फुटेज भी तलब किए थे। पुलिस की ओर से बताया गया कि तीन जनवरी 2024 से पहले के फुटेज डिलीट हो चुके हैं। अदालत ने इस पर नाराजगी जताई। मामले में रेडियो पुलिस अधीक्षक की जांच का भी उल्लेख सामने आया, जिसमें संबंधित पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
पुलिस का दावा है कि मामला नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की जांच से जुड़ा था और अनूप राणा तथा उसका भाई उसी गिरोह का हिस्सा थे। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि वह स्वयं ठगी का शिकार हुआ था और अपने भाई की मदद के लिए थाने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उसे ही आरोपी बनाकर उससे अवैध वसूली की।
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