चंडीगढ़ , सितंबर 03 -- पंजाब सरकार ने तकनीकी शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए सरकारी पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में व्यापक सुधार शुरू किये हैं।

इसी दिशा में पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग (पीएसबीटीईआईटी) की ओर से गुरुवार को क्षेत्रीय उद्योग-अकादमिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख उद्यमियों और नियोक्ताओं ने भाग लिया।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश में सत्ताइसवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और अब सरकार का लक्ष्य राज्य को नंबर एक बनाना है। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यार्थी तकनीकी संस्थान से ऐसा न निकले जिसके पास रोजगार या स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल न हो।

श्री बैंस ने कहा कि सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक को रोजगार के केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में उद्योग जगत की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान के बजाय उन मशीनों और तकनीकों पर प्रशिक्षण मिले, जिनका वे वास्तविक कार्यक्षेत्र में इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए कुशल श्रमशक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने उद्योग जगत से तकनीकी शिक्षा के इस बदलाव में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत तकनीकी शिक्षा में भी सुधार किए जा रहे हैं। डिप्लोमा विद्यार्थियों के लिए पूर्ण सेमेस्टर की इंटर्नशिप अनिवार्य की गयी है, जबकि शिक्षकों के लिए सालाना 40 घंटे से अधिक प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि पॉलिटेक्निक संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आधुनिक मशीनरी और इनोवेशन लैब के माध्यम से अपग्रेड किया जा रहा है। प्रिंसिपलों और वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद और आईआईएम, अमृतसर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि शिक्षकों के लिए आईआईटी रोपड़, आईआईएसईआर और एनआईएफटी में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कियेजा रहे हैं।

श्री बैंस ने बताया कि गुरुवार को खूनीमाजरा, बठिंडा, फिरोजपुर, बदबर और तलवाड़ा स्थित पांच सरकारी पॉलिटेक्निक में अत्याधुनिक इनोवेशन लैब का उद्घाटन किया गया। इन लैब में विद्यार्थियों को 3डी प्रिंटर और आधुनिक मशीनरी के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रोटोटाइप तैयार करने और वास्तविक समस्याओं के समाधान पर काम करने का अवसर मिलेगा।

तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास प्रताप ने कहा कि पंजाब की तकनीकी शिक्षा पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर भविष्य की तकनीकों और कार्यप्रणालियों को अपना रही है। उन्होंने कहा कि पांच इनोवेशन लैब की शुरुआत तकनीकी शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उद्योग-अकादमिक सम्मेलन को एक बार की चर्चा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योग के बीच निरंतर साझेदारी की शुरुआत बनाया जाएगा। उद्योग जगत से मिलने वाले सुझावों पर कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) संदीप कंसल ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य सरकारी पॉलिटेक्निक और उद्योगों के बीच इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण और विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।

सम्मेलन में मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, स्टील और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, हार्टेक पावर, टायनोर ऑर्थोटिक्स, गिलार्ड इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, चीमा बॉयलर्स, हेला इंडिया लाइटिंग और अक्जो नोबेल/जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स और अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।

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